सामाजिक समरसता उत्पन्न करना ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का प्रथम उद्देश्य -बांके लाल

रमेश यादव (संवाददाता)

दुद्धी । रविवार को दुद्धी नगर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तत्वाधान में पथ संचलन का कार्यक्रम आयोजित किया गया।इस दौरान संघ के स्वयंसेवकों ने कतारबद्ध होकर रामलीला मैदान से निकल कर नगर भ्रमण किया।पथ संचलन के पश्चात स्वयंसेवक रामलीला मैदान में एकत्रित हुए।मैदान में बौद्धिक सत्र को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत कार्यवाह बांकेलाल यादव ने कहा कि पथ संचलन संघ का शक्ति प्रदर्शन नहीं है।उन्होंने कहा हम धमकाने वाला कार्यक्रम नहीं करते।उन्होंने कहा कि संघ की स्थापना मुसलमान और ईसाई उपासना पद्धति का विरोधी नहीं है।उन्होंने कहा कि सज्जन शक्तियों को संगठित करना ही संघ का उद्देश्य है।विश्व में हिंदू समाज के लिए संस्कार पैदा करने का काम संघ द्वारा किया जा रहा है।व्यक्तिगत जीवन में स्वयंसेवक जो भी कार्य करते हैं वह पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ करें तभी गणवेश का लाभ मिलेगा।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ व्यक्तिगत मन से बड़ा राष्ट्र मन बनाने के लिए गणवेश धारण कराता है।इसी के लिए वह एक घंटे समय शाखा के माध्यम से देता है।राष्ट्रीयता का बीज बोता है, इसी के कारण हम राष्ट्र को परम वैभव पर पहुंचाने का कार्य करते रहते हैं।समाज में राष्ट्र के प्रति कमी का जो भाव है, उसको दूर करने का कार्य सज्जन शक्तियों के माध्यम से किया जा रहा है। राष्ट्र मन व्यक्तिगत मन से बड़ा होना चाहिए।राष्ट्र का झंडा बुलंद करने के लिए शिवाजी महाराज ने बहुत बड़ा काम किया।समाज में ऐसे फैशन का दौर चला है, जिससे राष्ट्रीयता पराजित हो अपमानित हो।सामाजिक समरसता समाज में उत्पन्न हो यह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का सबसे प्रथम उद्देश्य है।श्री यादव ने कहा हम सब गणवेशधारी स्वयंसेवक समाज की उस छुआछूत व छोटे बड़े की बुराई को को अछूत मन के भाव को कैसे अपने मन से निकाले और समाज में समरसता का भाव जगाएं तो निश्चित रूप से हमारे गणवेश पहनने का अर्थ पूर्ण होता है।गणवेश पहनने के बाद भी हमारे मन में छूत का भाव बना है, निश्चित रूप से हम उसे ठीक करेंगे।सामाजिक समरसता इस देश की ठीक हो छूत और अछूत का भेदभाव खत्म हो हम उसके लिए प्रतिबद्ध हैं।कहा राम तो अपने हैं दुर्गा तो अपनी है, लेकिन राम और दुर्गा ने जो आचरण जीवन में किया जिन दुष्टों का संहार किया जिन बुराइयों को दूर किया उन बुराइयों को दूर करने के लिए मेरे अंदर भी हौसला होना चाहिए, तभी विजयदशमी के अवसर पर पुतला दहन का काम करते हैं वह सफल माना जाएगा।कहा मेरे मन के अंदर का रावण समाप्त होना चाहिए, मेरे मन के अंदर का जो महिषासुर वह खत्म होना चाहिए। हम अपनी प्रार्थना में अंतिम पंक्ति भारत माता की जय बोलते हैं।इसका मतलब यह है कि हम ऐसा कार्य नहीं करेंगे जिससे भारतीयता अपमानित हो।कहा सज्जन शक्तियां संगठित हों यही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का उद्देश्य है।इन्हीं उद्देश्यों को हम सफल करेंगे और लक्ष्य को प्राप्त करेंगे।

इस मौके पर मुख्य रूप से विभाग प्रचारक अजीत, जिला प्रचारक ओम प्रकाश, नगर प्रचारक योगेश, म्योरपुर खंड प्रचारक नीरज, बनवासी कल्याण आश्रम के सह संगठन मंत्री आनंद, जिला संघचालक श्याम जी सिंह, दुद्धी नगर कार्यवाह अरुणोदय जौहरी, जिला कार्यवाह रविंद्र जायसवाल, राजीव, रविकांत समेत बड़ी संख्या में स्वयंसेवक मौजूद रहे।कार्यक्रम का सफल संचालन जिला शारीरिक शिक्षण प्रमुख राम कुमार यादव ने किया।



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