हमें न्यायालय पर पूरा भरोसा है और हमें न्याय मिल रहा है, हमें न्याय मिलेगा – आजम

रामपुर । आजम खान फिर पहुंचे एसआईटी के कार्यालय पर पूछताछ का जवाब देने पूछताछ के बाद बाहर निकले आजम खान ने मीडिया से बताया कि
काफी लंबा सवाल था जिसमें हमारा नाम, हमारा पता और यूनिवर्सिटी की तमाम जायदाद और बावजूद इसके कि यह मामला पौने 4 बीघे का है सिर्फ । इतने बड़े परिसर में पौने चार बीघे का कौन मालिक है?आप अपनी जमीन पर खेती करें बगीचा करें, जो चाहे करें ट्रस्ट को चाहे ट्रस्ट को दें हमें चाहे हमें दें जिसे चाहे जिसे दें लेकिन जिन लोग 13 बरस में कभी भी अपना कोई शिकायत नहीं की ना पुलिस में ना थाने में ना कलेक्टर साहब के पास न दीवानी न्यायालय में । सुप्रीम कोर्ट के बेशुमार आदेश हैं कि 10 साल के बाद अगर कोई दावेदार नहीं है तो फिर वह दावा नहीं कर सकता ट्रेसपासर भी मालिक हो जाएगा । लेकिन हम 13 साल बाद भी क्योंकि हम जो कुछ कर रहे हैं ।गरीबों के लिए हम छोटी सी गली के छोटे से मकान में रहते हैं । जहां मोटर भी नहीं जा सकती लेकिन हम गरीब बच्चों की पढ़ाई के लिए कर रहे हैं और उसकी हमें कीमत अदा करना पड़ रही है । हमारे ऊपर मुर्गी चोरी के मुकदमे हैं । हमारी बीवी पर हमारे बच्चों पर हमारे पदाधिकारियों पर हमारे मिलने वालों पर बकरी चोरी के हैं भैंस चोरी के हैं शेरों की जोड़ी के पानी 4 बीघा जमीन को लेकर हमें भूमाफिया घोषित कर दिया गया है। हमारा अरेस्ट स्टे हुआ है । अदालत से माननीय उच्च न्यायालय ने हमारे साथ ऐसा इंसाफ किया है बस उसके बाद सिर्फ आसमान वाला रहता है इसलिए हमें न्यायालय पर पूरा भरोसा है हमें न्याय मिल रहा है हमें न्याय मिलेगा और जो लोग और जिन लोगों से हम पर सितम कराया जा रहा है । वह दु:खी होंगे और हम कहना नहीं चाहते कुदरत की लाठी बहुत बे आवाज होती है आपने कुदरत की लाठी के बारे में कुछ दो दिनों से सुना होगा जिन अफसरों हमसे हमारी बात हो रही है वह अच्छे सुलझे अधिकारी हैं ।उन्होंने हमारे साथ किसी भी तरह का कोई ऐसा शब्द नहीं कहा है जिससे हमें कोई शिकायत हो उनसे हमने समय मांगा था उन्होंने समय दिया क्योंकि हम यह समझ नहीं सके थे कि हमें इसका भी जवाब देना है इसलिए हमने उनसे 1 दिन का समय और मांगा है कल हम 4:00 से 5:00 के बीच में उनका जवाब देंगे।जाहिर है जांच में कॉर्पोरेट नहीं करेंगे तो इसका नुकसान हमें होगा हम चाहते हैं कि हम जांच में कॉर्पोरेट करें और जांच निष्पक्ष हो ईमानदारी से रिपोर्ट जो लिखी जाए और सच्ची हो क्योंकि गलत रिपोर्ट में शायद गलत करने वालों का बहुत बड़ा नुकसान होने वाला है

9 बार का विधायक हूं, 4 बार कैबिनेट का मंत्री रहा हूं। एक बार राज्यसभा का अदस्य व्ववर्तमान में एमपी हूं भारतीय लोकतंत्र में इतना अपमान शायद ही किसी का हुआ हो लेकिन जो भी देखेगा जो साहब भी हमारी दास्तान सुनाइए उन्हें मालूम होगा कि इस अपमान के पीछे भी कितना सम्मान छुपा हुआ है ।



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