श्रीराम ने तोड़ा धनुष सीता ने पहनाई वरमाला।

घनश्याम पाण्डेय/विनीत शर्मा(संवाददाता)

चोपन। रामलीला मंचन के तीसरे दिन श्री शारदा आदर्श मंडल मैहर जिला सतना मध्य प्रदेश से आये हुए कलाकारो द्वारा चोपन के रामलीला मंचन मे कलाकारों ने धनुष यज्ञ, सीता स्वयंवर, सीता-राम विवाह का मंचन किया।
एक बार राजा जनक के राज्य में काफी दिनों से बरसात नहीं हुई। चारो तरफ हाहाकार मचा था। राजा जनक को पता चला कि प्रजा दुखी है। उन्होंने राज्य के ब्राह्मणों से मंत्रणा की। राजा ने ब्राह्मणों की आज्ञा मानकर सोने का हल चलाया। हल घड़े से टकराने पर

सुंदर कन्या निकली। काफी समय से जनक के घर में भगवान शिव का पुराना धनुष रखा था। किसी कारण से सीता ने उस धनुष को अन्यत्र रख दिया। इसकी जानकारी होने पर जनक ने राज्य में सीता स्वयंवर का आयोजन किया। तय किया कि जो इस धनुष को तोड़ेगा उसी से सीता ब्याही जाएंगी। राज्य के बड़े-बड़े राजाओं को निमंत्रण दिया गया। लंकापति रावण भी स्वयंवर में पहुंचे। सभी राजाओं ने धनुष तोड़ने की कोशिश की लेकिन किसी से धनुष हिला तक नहीं।

विश्वामित्र ने अपने शिष्य राम को शिव के धनुष को तोड़ने का आदेश दिया। भगवान राम ने धनुष को तोड़ दिया। आकर्षक लीला को देखकर दर्शक भाव विभोर हो गए। इस अवसर पर मुख्य रूप से सत्यप्रकाश तिवारी,बलराम सिंह, शितलेस मिश्रा, अभिषेक दुबे, धर्मेंद्र जायसवाल, आयोजन समिति के अध्यक्ष सुनील सिंह, मनोज सिंह सोलंकी, राजेश गोस्वामी,रिन्कू अग्रहरि, वही संचालन संजय चेतन ने किया।



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