हाउडी मोदी शो में पीएम मोदी ने अप्रवासियों का जीता दिल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को टैक्सास के ह्यूस्टन में हाउडी मोदी शो में जोरदार भाषण देकर अप्रवासी भारतीयों का दिल जीत लिया । ऐसा नहीं है कि प्रधानमंत्री ने पहली बार अप्रवासी भारतीयों के समक्ष भाषण दिया है । इससे पहले भी वह कई मौकों पर हजारों की संख्या में मौजूद अप्रवासी भारतीयों के समक्ष भाषण दे चुके हैं ।

मई 2014 में प्रधानमंत्री बनने के कुछ महीने बाद सितंबर में नरेंद्र मोदी अमेरिका के दौरे पर गए ।बतौर प्रधानमंत्री अपने पहले दौरे के दौरान मोदी ने न्यू यॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में पहली बार अप्रवासी भारतीयों को संबोधित किया । मोदी का भाषण सुनने के लिए मैडिसन स्क्वायर गार्डन में 18 हजार अप्रवासी भारतीय पहुंचे थे । इस भाषण के दौरान लोगों के उत्साह ने दुनिया का ध्यान खींचा था ।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में ऐतिहासिक भाषण के एक महीने बाद नवंबर को वह म्‍यांमार, ऑस्‍ट्रेलिया और फिजी के दौरे पर गए । इसी दौरे के दौरान मोदी ने सिडनी के ऑलफोंस एरिना में अप्रवासी भारतीयों के समक्ष जोरदार भाषण दिया । उनका भाषण सुनने के लिए करीब 16 हजार अप्रवासी ऑलफोंस एरिना में मौजूद थे ।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अप्रैल, 2015 में कनाडा के दौरे पर गए जहां उन्होंने टोरंटो के रिको कोलोजियम स्टेडियम में अप्रवासी भारतीयों को संबोधित किया । इस कार्यक्रम में करीब 10 हजार अप्रवासी भारतीय आए थे।

चीन के मशहर शहर शंघाई में भी प्रधानमंत्री मोदी अप्रवासी भारतीयों को संबोधित कर चुके हैं। 16 मई, 2015 को मोदी ने लगभग 5 हजार अप्रवासी भारतीयों को संबोधित किया था, तब वह 3 दिन के चीन दौरे पर गए थे । अपने भाषण के दौरान मोदी ने कहा था कि आज विश्व के मानचित्र पर एक नई हवा, वक्त वहां भी बदला है । सारी दुनिया देख रही है कि विकासशील देश विशेषकर भारत और चीन मिलकर विश्व को एक नया उमंग, नया उत्साह और नई गति देने के लिए सामर्थ्यवान हैं और भारत ने ये दायित्व निभाया भी है और मैं देशवासियों को आपको ये विश्वास दिलाता हूं, हिंदुस्तान इसके लिए पूरी तैयारी कर रहा है. हमारे पास विश्व को देने के लिए बहुत कुछ है ।

इसी साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगस्त में दुबई का दौरा किया जहां 17 अगस्त, 2015 को प्रधानमंत्री ने ‘मरहबा नमो’ कार्यक्रम में लगभग 50,000 प्रवासी भारतीयों को संबोधित किया । यूएई के इतिहास में पहली ऐसा हुआ कि दौरे पर आए किसी देश के प्रमुख को इतने बड़े पैमाने पर सभा करने की इजाजत दी गई । प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के गौरव को आप बढ़ा रहे हैं । भारत में अगर बारिश हो तो दुबई में बैठा देशवासी छाता खोल देता है ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2015 में अमेरिका दौरे के दौरान 27 सितंबर को सेन जोस के सिलिकॉन वैली में अप्रवासी भारतीयों को संबोधित किया था। इस कार्यक्रम में भी हजारों की संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया था। तब 20 हजार से ज्यादा लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए । इस कार्यक्रम में अमेरिकी सांसद भी शामिल हुए ।
2015 में ही पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने सभी पिछले रिकॉर्ड को तोड़ते हुए लंदन के वेम्बले स्टेडियम में अप्रवासी भारतीयों को संबोधित किया । 14 नवंबर, 2015 को आयोजित इस कार्यक्रम में 60 हजार अप्रवासी भारतीयों ने हिस्सा लिया. उनके भाषण के दौरान मंच पर तत्कालीन ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड कैमरन भी मौजूद थे ।

पीएम नरेंद्र मोदी ने 9 जुलाई 2016 में जोहानिसबर्ग में महात्मा गांधी और दक्षिण अफ्रीका के महानतम नेता नेल्सन मंडेला का जिक्र करते हुए जोरदार भाषण दिया था । इस कार्यक्रम में 11 हजार अप्रवासी भारतीय शामिल हुए थे । मोदी ने इस कार्यक्रम में रंगभेद विरोधी नेता नेल्सन मंडेला की खास पहचान मानी जाने वाली ‘मादिबा’ शर्ट पहनी थी. और करीब 40 मिनट तक भाषण दिया था ।

साल 2017 में 26 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डीसी में अप्रवासी भारतीयों को संबोधित किया. उनके इस कार्यक्रम में 11 हजार से ज्यादा लोग शामिल हुए.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6 सितंबर, 2017 में म्यांमार के पुराने शहर यंगून में हजारों की संख्या में मौजूद अप्रवासी भारतीयों को संबोधित किया ।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 अगस्त को बहरीन के नेशनल स्टेडियम में भारतीय समुदाय को संबोधित किया था, जिसमें 20 हजार से ज्यादा अप्रवासी भारतीय शामिल हुए । उन्होंने अपने भाषण में कहा था, ‘आपका प्यार पाकर अभिभूत हूं, स्वागत से ऐसा लग रहा है कि मानो मैं भारत में ही हूं ।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले महीने अगस्त में अपने फ्रांस के दौरे के दौरान राजधानी पेरिस में अप्रवासी भारतीयों को संबोधित किया था । मोदी ने 24 अगस्त को अपने भाषण में अनुच्छेद 370 का नाम लिए बिना कहा था कि अब हिंदुस्तान में टेंपरेरी के लिए कोई व्यवस्था नहीं है । आपने देखा होगा कि राम और कृष्ण के इस देश और गांधी और बुद्ध की धरती में टेंपरेरी को निकालते-निकालते 70 साल निकल गए । मुझे तो समझ नहीं आ रहा है कि इस पर हंसना है कि रोना है ।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने करीब 1 महीने के अंदर 3 बार अलग-अलग शहरों में अप्रवासी भारतीयों को संबोधित किया है । पेरिस, बहरीन के बाद ह्यूस्टन में मोदी ने अप्रवासी भारतीयों को संबोधित किया । लंदन के बाद ह्यूस्टन में मोदी ने राष्ट्राध्यक्ष के समक्ष अपना भाषण दिया ।ह्यूस्टन में मोदी का भाषण सुनने के लिए 50 हजार से ज्यादा अप्रवासी भारतीय लोग थे ।लेकिन ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड कैमरन के सामने लंदन में 60 हजार लोगों के बीच भाषण का रिकॉर्ड अभी भी कायम है और ह्यूस्टन इसके करीब पहुंचा, लेकिन रिकॉर्ड तोड़ नहीं सका ।



अपने शहर के एप को डाउनलोड करने के लिए क्लिक करे |  हमें फेसबुक,  ट्विटर,  और यूट्यूब पर फॉलो करें|
loading...
Back to top button
error: Content is protected !!