लाल की दीर्घायु के लिए माताओं ने जीवित्पुत्रिका के लिए की पूजा

धर्मराज मिश्रा (संवाददाता)

राजगढ़ । पुत्र के दीर्घायु व आरोग्य कामना को लेकर महिलाओं ने रविवार को जीवित्पुत्रिका का निराजल व्रत रखा।तालाब पर बने घाट के किनारे सूर्य देव व भगवती जगदंबिका की पूजा-अर्चना की। राजा जीमुतवाहन की कथा सुनी और पुत्रों के मंगलमय जीवन की कामना की। शनिवार की भोर पुत्रवती महिलाओं ने संकल्प लेकर निराजल व्रत शुरू किया। फल-फूल, मिष्ठान्न आदि का डाल सजाया और घाटों-कुंडों के किनारे व्रती महिलाओं का जत्था डट आया। समूह में बैठकर पूजन अनुष्ठान किया। ईंख से वेदी सजाई, माला-फूल, फल, मिष्ठान्न अर्पित करते हुए विधि- विधान से जिवित्पुत्रिका माता का पूजन किया। राजा जीमुतवाहन की कथा का श्रवण करते हुए अपने-अपने पुत्रों के दीर्घायुष्य के लिए भगवान से प्रार्थना की।
पूजन-अर्चन का क्रम देर शाम तक चलता रहा। व्रती महिलाएं सोमवार को प्रसाद खाकर व्रत का पारण करेंगी। क्षेत्र के विभिन्न गांवों में पोखरों, कुंडो व तालाबों पर बड़ी संख्या में महिलाओं ने पूजन-अर्चन किया। मनौती पूर्ण होने पर व्रती महिलाएं बाजे-गाजे के साथ पूजन करने के लिए गई।



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