विध्वंस मामले में कल्याण सिंह की मुश्किलें बढ़ी, 27 सितंबर को कोर्ट में पेश किए जाने का आदेश

राज्यपाल पद से हटते ही बाबरी विध्वंस मामले में कल्याण सिंह की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। शनिवार को मामले की सुनवाई कर रही स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने कल्याण सिंह को 27 सितंबर को कोर्ट में पेश किए जाने का आदेश दिया है। कल्याण के अलावा इस मामले में लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और महंत नृत्यगोपाल दास भी आरोपी हैं।
बता दें कि हाल ही में राजस्थान के राज्यपाल के तौर पर कार्यकाल खत्म होने के बाद कल्याण सिंह बीजेपी में शामिल हुए थे। बीजेपी में शामिल होते ही बाबरी विध्वंस मामले में उन्हें बतौर आरोपी फिर कोर्ट में पेश करने के लिए सीबीआई की विशेष अदालत में अर्जी दी गई थी। इस मामले में कल्याण सिंह को अब तक संवैधानिक पद पर होने के कारण कानूनी कार्रवाई से छूट मिली थी।

कल्याण सिंह के अलावा इस केस में पूर्व उपप्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी, बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी, पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती, साध्वी ऋतंभरा और महंत नृत्यगोपाल दास भी आरोपी हैं, जिन्हें कोर्ट से जमानत मिली हुई है। 1992 में अयोध्या की बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में आरोपी कल्याण सिंह को संविधान के अनुच्छेद 351 के तहत कानूनी कार्रवाई से छूट मिली थी।
2014 में बने थे राज्यपाल, 5 साल तक मिली राहत
कल्याण सिंह को 3 सितंबर 2014 को राजस्थान का राज्यपाल बनाया गया था। 5 साल तक पद पर होने के कारण कल्याण को अदालत की ओर से तलब नहीं किया गया। अन्य आरोपी नेताओं को कोर्ट में अपील के बाद इस केस में जमानत दे दी गई। कार्यकाल खत्म होने पर कल्याण के वापस बीजेपी की सदस्यता लेने के बाद सीबीआई कोर्ट के विशेष जज की कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी। केंद्रीय जांच एजेंसी की ओर से दायर याचिका में कल्याण को दोबारा कोर्ट में पेश कराने के लिए अनुमति मांगी गई थी।



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