जनपद में 178 श्रमिकों को बंधुआ श्रम से कराया जा चुका है मुक्त : ह्यूमन लिबर्टी नेटवर्क

18 सितम्बर 2019

सुशील कुमार (संवाददाता)

जमालपुर । क्षेत्र के जलालपुर ग्राम पंचायत के पंचायत भवन पर आज ह्यूमन लिबर्टी नेटवर्क के तत्वाधान में आजाद शक्ति अभियान से जुड़े बंधुआ श्रम से मुक्त 10 मजदूरों की प्रेस वार्ता की। प्रेस वार्ता में बंधुआ मजदूरों ने अपनी व्यथा सुनाई। मुक्त बंधुआ मजदूरों ने बताया कि हम लोगों के साथ अमानवीय व्यवहार किया जाता था। आजाद शक्ति अभियान के एक सदस्य ने बताया कि बंधुआ श्रमिकों के चिन्हीकरण, मुक्ति और पुनर्वासन में काफी चुनौतियों के बाद सफलता मिली है। ह्यूमन लिबर्टी नेटवर्क के फील्ड एलीमेटर शेखर ने बताया कि जनपद में 178 श्रमिकों को बंधुआ श्रम से मुक्त कराया जा चुका है।गरीबों के हित मे संस्था काम कर रही है। बंधुआ मजदूरी से मुक्त एक सुपरवाइजर ने बताया कि मई 2015 मे वाराणसी के ईट भट्ठें से मुक्त कराया गया परंतु पुनर्वासन राशि अप्रैल 2019 मे दिया गया।उन्होनें बताया कि ज्यादातर बंधुआ श्रमिक मुसहर समुदाय या अति पिछड़ा वर्ग के है जो बंधुआ मजदूरी के शिकार हो गए।

भूमिहीन, रोजगार की अनुपलब्धता और कर्ज के कारण ये श्रमिक बंधुआ श्रम के शिकार हो जाते है। ईट भट्ठा से मुक्त एक अन्य बंधुआ मजदूर ने बताया कि श्रम विभाग के सक्रिय सहयोग से मुक्ति और पुनर्वासन संभव हो पाया। संस्था बंधुआ मजदूरी कराने वाले मालिकों के खिलाफ सक्रिय सहयोग करता है। पुनर्वासन के अभाव मे मुक्त बंधुआ मजदूरों का दुबारा बंधुआ श्रम मे जाने की संभावना बढ़ जाती है। इस दौरान कार्यक्रम समन्वयक राधिका सिंह, प्रदीप सिंह, राजमणि देवी, नारायन इत्यादि थे।



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