विद्युत कार्मिकों की समस्याओं को ऊर्जा निगम के प्रबंधकों द्वारा नही लिया गया संज्ञान

13 सितम्बर 2019

मनोज वर्मा(संवाददाता)

रेनूकूट । विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के प्रदेश व्यापी दौरे के कार्यक्रम के तहत पिपरी स्थित रिहन्द जल विद्युत गृह के विशिष्ट श्रेणी अतिथि गृह में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले विभिन्न ट्रेड यूनियनों के केंद्रीय, प्रादेशिक व स्थानीय नेताओं ने जनजागरण कार्यक्रम के तहत रिहन्द परियोजना के कार्मिकों को सभा के माध्यम से सम्बोधित किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने बताया कि गत 26 अगस्त को केंद्रीय विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के द्वारा ऊर्जा निगमों में कार्यरत विद्युत कार्मिकों की समस्याओं तथा विभाग के पुनरुद्धार से संबंधित एक संयुक्त मांग पत्र ऊर्जा निगम प्रबंधकों

को देते हुए वार्ता के माध्यम से सभी समस्याओं का समाधान कराने की मांग की गई थी, किंतु प्रबंधन द्वारा हठधर्मिता पूर्ण रवैया का परिचय देते हुए अब तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है । जिसके कारण संघर्ष समिति को आंदोलन का प्रथम चरण जन जागरण अभियान आरंभ करने को बाध्य होना पड़ा।अभियंता संघ के क्षेत्रीय सचिव ई0 अदालत वर्मा ने बताया कि मांग पत्र में उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद के विघटन एवं निजीकरण के प्रयोग की पूर्ण

विफलता को देखते हुए प्रदेश के सभी ऊर्जा निगमों का एकीकरण कर उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद लिमिटेड का गठन करने, बिजली कर्मचारियों एवं अभियंताओं के दोषपूर्ण स्थानांतरण नीति के तहत किए गए सभी स्थानांतरण निरस्त करने, ओबरा/अनपरा और अन्य क्षेत्रों में अनावश्यक तौर पर दिए जा रहे कठोर दंड वापस लेने, बिजली कर्मचारियों की वेतन विसंगति दूर करने, सभी श्रेणी के समस्त रिक्त पदों पर नियमित भर्ती, वर्ष 2000 के बाद भर्ती हुए सभी कार्मिकों के लिए पुरानी पेंशन प्रणाली लागू करने की मांग प्रमुख रूप से शामिल है।
सभा को संबोधित करते हुए सीटू के प्रदेश महामंत्री प्रेम नाथ राय, हाइड्रो इलेक्ट्रिक एंप्लाइज यूनियन के केंद्रीय कार्यवाहक अध्यक्ष हरदेव नारायण तिवारी, बिजली मजदूर संघ के केंद्रीय कार्यवाहक अध्यक्ष

विजय शंकर तिवारी, कार्यालय कार्मिक संघ के प्रदेश महामंत्री कैलाश नाथ, बिजली कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष जवाहर लाल विश्वकर्मा, प्राविधिक कर्मचारी संघ के उत्पादन निगम अध्यक्ष दिनेश यादव ने कहा कि यदि प्रदेश सरकार अपने हठधर्मिता पूर्ण रवैया को छोड़ते हुए 18 सितम्बर 2019 तक द्विपक्षीय वार्ता के माध्यम से अभियंताओं व कर्मचारियों के विरुद्ध की गयी उत्पीड़नात्मक कार्यवाही व निजीकरण की प्रक्रिया निरस्त न की गयी और कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं कराया जाता है तो सभी ऊर्जा निगमों में कार्यरत कर्मचारी व अभियंता आगे तीव्र आंदोलन करने को बाध्य होंना पड़ेगा।
इस अवसर पर ओबरा तापीय परियोजना में सक्रिय समस्त संगठनों के प्रतिनिधि गण व सदस्य उपस्थित रहे जिसमें प्रमुख रुप से ई0 संजय वर्मा, ई0सुनील कुमार, ई0 अजित सक्सेना, ई0असीम कुमार सिंह, ई0 लव कुमार चौहान, ई0अरविंद कुमार, ई0आशीष कुमार, अरुण कुमार, अशोक ठाकुर, अम्बिका पाठक, शिवशंकर मिश्र, ई0विजय बहादुर, ई0प्रदीप सेन काफी संख्या में अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभा की अध्यक्षता विद्युत उत्पादन खण्ड के अधिशासी अभियंता ई0संजय वर्मा ने किया ।



अपने शहर के एप को डाउनलोड करने के लिए क्लिक करे |  हमें फेसबुक,  ट्विटर,  और यूट्यूब पर फॉलो करें|
loading...
Back to top button
error: Content is protected !!