ड्रोन द्वारा होगी जल जंगल और हरियाली की मॉनीटरिंग

01 सितम्बर 2019

अविनाश श्रीवास्तव


रोहतास। वन विभाग द्वारा ड्रोन और UAV के माध्यम से प्लांटेशन और जल संरक्षण के लिए किए जा रहे विभागीय कार्यों की समीक्षा अब की जाएगी. इसके लिए कोलकाता से अन्तरराष्ट्रीय कंपनी स्काईमप ग्लोबल की टीम ने 4 दिनों तक सासाराम और जिले के अलग अलग रिमोट संचालित ड्रोन के द्वारा हवाई सर्वेक्षण किया. रोहतास बिहार का एकलौता वन प्रमंडल है जिसे वन मुख्यालय, पटना द्वारा ड्रोन सर्वेक्षण के पायलट प्रोजेक्ट के लिए चुना गया है.

वन संरक्षक(वन्य प्राणी अंचल) के आदेश पर टेक्निकल टीम ने रोहतास में ड्रोन उड़ा कर ताराचंडी और सिकरिया स्थित प्लांटेशन और जल संवर्धन कार्यों की मैपिंग की. वही बिक्रमगंज मे पथ तट तथा नहर तट के किनारों पर किए गए वृक्षारोपण का सर्वे लिया गया. इस टेक्नोलॉजी से घर बैठे ड्रोन द्वारा जमीन पर पूरे 300 हेक्टेयर के क्षेत्र फल की सिर्फ 1 इमेज निकाली जाती है जिसमे मौजूद 1.5 सेंटी मीटर तक छोटी किसी भी वास्तु को आराम से देखा जा सकता है.
DFO के निर्देश पर करवन्दिया अवैध खनन क्षेत्र में भी ड्रोन फुटेज तथा हाई रेसोलूशन इमेजिंग करायी गई जिस से भविष्य में अवैध खनन में लिप्त वाहनों तथा JCB इत्यादि को वनवाद में निश्चित रूप से ज़ब्त किया जा सके। वन विभाग की टेक्निकल टीम और साथ मौजूद फोर्स को देख अवैध खनन में लिप्त लोगों में खलबली मच गई तथा वे आनन फानन में समान छोड़ दूर भाग खड़े हुए।



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