हमारा स्वास्थ्य,रिश्ते और हमारा मान सम्मान सूर्य पर करता हैं निर्भर,जानें

सूर्य हमारे जीवन और प्राण के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. हमारा स्वास्थ्य, हमारे रिश्ते और हमारा मान सम्मान सूर्य पर निर्भर करता है. सूर्य के कमजोर होने पर पेट, आंखों और हड्डियों की समस्या का विशेष रूप से सामना करना पड़ता है. इसके अलावा कभी कभी जीवन में बड़े अपयश का सामना भी करना पड़ता है.

सावन से लेकर कार्तिक तक सूर्य विशेष कमजोर रहता है. अतः इस समय में बीमारिया, बेरोजगारी और मान सम्मान की समस्या पैदा हो जाती है. सिर्फ सूर्य देव की उपासना से ही हम मानसिक, शारीरिक और आर्थिक रूप से ठीक रह सकते हैं.

किस प्रकार करें सूर्य की उपासना, जिससे हमारा स्वास्थ्य भाद्रपद में अच्छा बना रहे?

-नित्य प्रातः सूर्य देव को जल अर्पित करें, जल में कुमकुम या रोली मिलाएं.

– इसके बाद “ॐ आदित्याय नमः”का जाप करें.

– दही और कच्ची सब्जियों, सलाद आदि का प्रयोग बंद कर दें.

– लाल रंग के वस्त्रों का प्रयोग करें.

किस प्रकार सूर्य देव की उपासना से हम बेरोजगारी और आर्थिक समस्याओं से निपट सकते हैं?

– नित्य प्रातः जल में, हल्दी मिलाकर, सूर्य देव को जल अर्पित करें.

– इसके बाद वहीँ पर खड़े होकर “आदित्य ह्रदय स्तोत्र” का पाठ करें.

– रविवार को नमक और सरसों के तेल का प्रयोग बंद कर दें.

किस प्रकार सूर्य देव की उपासना से इस समय मान सम्मान मिल सकता है, अपयश से बचाव हो सकता है?

– रोली मिलाकर सूर्य को नित्य प्रातः जल अर्पित करें.

– जल अर्पित करने के बाद, लोटे के किनारों पर लगी हुई रोली को कंठ और मस्तक पर लगायें.

– अपने पिता का चरण स्पर्श करें.

– इसके बाद गुड खाएं.

भाद्रपद मास में सूर्य देव का कौन सा मंत्र विशेष लाभकारी होता है ?

“ॐ हिरण्यगर्भाय नमः”



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