फ्लाइट कंट्रोलर स्कॉर्डन लीडर मिंटी अग्रवाल को मिला ‘युद्ध सेवा मेडल’, जाने कौन है मिंटी अग्रवाल

16 अगस्त 2019

बालाकोट एयरस्ट्राइक का नाम आते ही विंग कमांडर अभिनंदन का चेहरा सामने आता है लेकिन एयरस्ट्राइक में कई ऐसे टीम के सदस्य थे जो जांबाजी से अपनी जिम्मेदारियों को निभाया औऱ भारत को सम्मान दिलाया । इसी क्रम में इस दौरान सफलतापूर्वक अपनी जिम्मेदारी निभाने वाली फ्लाइट कंट्रोलर स्कॉर्डन लीडर मिंटी अग्रवाल को ‘युद्ध सेवा मेडल’ से सम्मानित किया गया है । मिंटी अग्रवाल ने 26 फरवरी को भारतीय वायुसेना की ओर से आतंकी कैंपों पर हुए एयरस्ट्राइक मिशन में फाइटर प्लेन कंट्रोलर की जिम्मेदारी निभाई थीं । आइए जानते हैं उनके बारे में । साथ ही उन्होंने बताया अपना ये खास अनुभव ।

मिंटी अग्रवाल ने न्यूज एंजेसी ANI को बताया, “मैंने 26 फरवरी और 27 फरवरी को दोनों मिशनों में भाग लिया था । जब विंग कमांडर अभिनंदन विमान में थे और पाकिस्तानी विमानों के हवाई एक्शन को जवाब दे रहे थे तो उस दौरान वह मेरे साथ संपर्क में थे ।

मिंटी अग्रवाल सात फाइटर कंट्रोलर्स की टीम की हिस्सा थीं । स्क्वाड्रन लीडर मिंटी अग्रवाल ने बालाकोट हमले के बाद भारतीय वायु सेना को जल्दी से अलर्ट कर दिया था । उनकी गाइडेंस की वजह से ही भारतीय वायुसेना को पाकिस्तानी विमान को जवाब देने में मदद मिली ।

उन्होंने बताया कि ऐसे ऑपरेशन का हिस्सा होने पर गर्व महसूस करती हूं । उन्होंने कहा, “26 और 27 फरवरी को होने वाले ऑपरेशन ऐसे कारण हैं जिनकी वजह से हम वर्दी को निखारते हैं । मुझे इन ऑपरेशनों का एक अभिन्न हिस्सा बनने का अवसर मिला है. ये दुनिया का सबसे बेहतरीन अनुभव है।”

मिंटी ने कहा- “हमने 26 फरवरी को बालाकोट मिशन को सफलतापूर्वक पूरा किया था । जिसके बाद हम जानते थे कि पाकिस्तान जवाबी हमला जरूर करेगा”।

उन्होंने बताया कि “हमारा बालाकोट मिशन सफल रहा । हम दुश्मन से जवाबी कार्रवाई की उम्मीद कर रहे थे । जिसके लिए हम पूरी तरह से तैयार थे । जिसके बाद पाकिस्तान ने 24 घंटे के भीतर ही जवाबी कार्रवाई की । शुरू में, केवल कुछ (पाकिस्तानी) विमान थे, लेकिन धीरे-धीरे विमान का घनत्व बढ़ गया।”

उन्होंने बताया कि पाकिस्तानी विमान भारत को नुकसान पहुंचाने के इरादे से आए थे । भारत की कार्रवाई का जवाब देने के लिए विमान के जरिए अपनी क्षमता दिखाने चाहते थे । लेकिन हमारे पायलटों, कंट्रोलर और टीम के साहस से उनका मकसद पूरा नहीं हो पाया । हमारे पायलट विंग कमांडर अभिनंदन ने एफ-16 को मार गिराया था।

आपको बता दें, भारतीय वायुसेना के अधिकारियों ने जानकारी दी थी कि 26 फरवरी को वायुसेना के विमानों ने जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी कैंपों पर बमबारी की थी । जिसके बाद भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की कोशिश में पाकिस्तान ने 27 फरवरी को जवाबी कार्रवाई की थी ।

भारतीय वायु सेना के 13 अफसर को मेडल से सम्मानित किया गया है । जिसमें से 5 अधिकारी को युद्ध सेवा मेडल से सम्मानित किया गया है । युद्ध सेवा मेडल पाने वाले अफसरों में एक नाम स्क्वाड्रन लीडर मिंटी अग्रवाल के अलावा एयर कमोडोर सुनील काशीनाथ विधाते, ग्रुप कैप्टन यशपाल सिंह नेगी, हेंसल जोसेफ सेकेरा और हेमंत कुमार का नाम शामिल हैं ।



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