राज्यपाल सत्यपाल मलिक का तंज : वे जल्द ₹ राहुल गांधी के लिए एयरक्राफ्ट भेजेंगे ताकि वे कश्मीर आकर मैदानी हालात देख सकें

12 अगस्त 2019

जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने सोमवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा- वे जल्द ही राहुल गांधी के लिए एयरक्राफ्ट भेजेंगे ताकि वे कश्मीर आकर मैदानी हालात देख सकें। इससे पहले शनिवार को राहुल गांधी ने कहा था कि घाटी में कुछ हिंसक घटनाएं होने की खबरें आ रही हैं। प्रधानमंत्री को चाहिए कि वे इस मामले को पूरी शांति औरपारदर्शिता के साथ देखें। इसे लेकर बढ़ रहे असंतोष को खत्म करें।

इस पर राज्यपाल ने कहा- राहुल को इस बात पर शर्म आना चाहिए कि उनका एक नेता संसद में कश्मीर मामले पर बेवकूफी भरी बातें कर रहा था। उन्होंने कहा- मैंने राहुल गांधी को घाटी आने के लिए आमंत्रित किया है। मैंने उनसेकहा है कि आप यहां आइए। मैं आपके लिए प्लेन भेजूंगा। यहां के हालात देखिए। इसके बाद कुछ बोलिए। आप एक जिम्मेदार व्यक्ति हैं। आपको ऐसी बातें नहीं करना चाहिए।

शनिवार की रात राहुल गांधी ने कहा था कि जम्मू-कश्मीर से हिंसा की कुछ खबरें आई हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पारदर्शी तरीके से इस मामले पर चिंता व्यक्त करनी चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को हटाने में कोई सांप्रदायिक दृष्टिकोण नहीं है । उन्होंने कहा, ‘अनुच्छेद 35 ए और अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान सबके लिए समाप्त किए गए हैं। न तो लेह, करगिल, जम्मू, रजौरी और पुंछ में और न ही यहां (कश्मीर) इसे समाप्त करने में कोई सांप्रदायिक दृष्टिकोण है। इसका कोई सांप्रदायिक कोण नहीं है।’
मलिक ने कहा कि इस मुद्दे को मुठ्ठी भर लोग हवा दे रहे हैं लेकिन वह इसमें सफल नहीं होंगे। उन्होंने कहा, ‘‘विदेशी मीडिया ने कुछ (गलत रिपोर्टिंग करने का) प्रयास किया और हमने उन्हें चेतावनी दी है। सभी अस्पताल आपके लिए खुले हैं और किसी एक व्यक्ति को भी गोली लगी हो तो आप साबित कर दीजिए। जब कुछ युवक हिंसा कर रहे थे तो केवल चार लोगों को पैलेट से पैर में गोली मारी गयी है और इसमें कोई भी गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ है।’

कश्मीर को ‘यातना शिविर’ में बदल देने के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर एक सवाल के जवाब में राज्यपाल ने कहा कि शिक्षित होने के बावजूद लोग यातना शिविर का अर्थ नहीं जानते हैं। उन्होंने पूछा, ‘मुझे पता है कि यह क्या है। मैं 30 बार जेल गया हूं। तब भी मैंने इसे यातना शिविर कारार नहीं दिया था। उन्होंने (कांग्रेस) आपातकाल के दौरान डेढ़ साल तक लोगों को जेल में बंद कर दिया था लेकिन किसी ने उसे यातना शिविर नहीं कहा था। क्या एहतियातन गिरफ्तारी यातना शिविर के बराबर है?’

कश्मीर की हर मस्जिद में ईद की नमाज पढ़ी गई
जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने सोमवार को कहा कि कश्मीर घाटी के हर मस्जिद में ईद की नमाज शांतिपूर्वक पढ़ी गई। उन्होंने कहा कि शनिवार और रविवार को सुरक्षा पाबंदियों में ढील दी गई और लोगों ने सामान्य हालत में खरीदारी की और सभी प्रबंध किए गए।

यह पूछने पर कि कश्मीर में हालात सामान्य कब होंगे और संचार नेटवर्क कब बहाल होंगे, मलिक ने कहा कि सरकार ने कर्फ्यू नहीं लगाया है बल्कि केवल पाबंदियां लगाई हैं। उन्होंने कहा, ‘पिछले दो दिनों से हर चीज पूरी तरह खुली हुई है। बाजार खुले हुए हैं, लोग खरीदारी कर रहे हैं। आज ईद है, सब कुछ सामान्य है। अगर कुछ लोग समस्या पैदा करना चाहते हैं तो उन्हें रोकना हमारी जिम्मेदारी है। जल्द ही सबकुछ सामान्य हो जाएगा।’



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