अकीदत से अदा की गई ईद उल अजहा की नमाज़

12 अगस्त 2019

मुमताज़ खान (संवाददाता)

– दोहराई गई हज़रते इब्राहिम की सुन्नत

” जो लोग गुज़रते हैं मुसलसल रह-ए-दिल से

दिन ईद का उन को हो मुबारक तह-ए-दिल से “

सुकृत । ईद-उल-अजहा (बकरीद) का त्योहार सोमवार को क्षेत्र भर में अकीदत से मनाया गया। त्योहार को लेकर मुस्लिम बस्तियों, मस्जिदों व ईदगाहों में खासा चहल-पहल रही। प्रात: 7.30 बजे से लेकर नौ बजे तक मुस्लिम धर्मावलंबियों ने विभिन्न मस्जिदों व ईदगाहों में बकरीद की नमाज अदा की। तकिया ईदगाह सुकॄत ईदगाह मधुपुर हिनौता बभनौली में नमाज अदा कर दुआ मांगी गयी। जामा मस्जिद तकिया के पेश इमाम महफूज़ निज़ामी ने ईद-उल-अजहा के मौके पर नमाज से पहले अपनी तकरीर में अहले ईमान को खिताब करते हुए कहा कि अल्लाह के खलील पैगंबर हजरते इब्राहिम और उनके बेटे पैगंबर हजरते इस्माइल ने अल्लाह की रजा और खुशनूदी के लिए जो कुर्बानी पेश की थी, वह बेमिसाल थी। हुक्मे खुदावंदी को लेकर बुढ़ापे के आलम में अपने प्यारे बेटे और पैगंबर को कुर्बान कर उन्होंने न सिर्फ शैतान के मंसूबों पर पानी फेर दिया बल्कि अल्लाह की रज़ा भी हासिल कर ली।

अल्लाह पाक ने इन दोनों की कुर्बानी को कुबूल करते हुए हजरते इस्माइल की जगह पर जन्नती जानवर दुंबा की कुर्बानी हो गयी। नमाज के बाद लोगों ने एक- दूसरे के गले मिलकर ईद-उल-अजहा की मुबारकवाद दी। गांवों में ईद-उल-अजहा यानी बकरीद का त्योहार पूरी अकीदत और उत्साह के साथ मनाया गया। इसको लेकर अकीदतमंदों में जबरदस्त उत्साह का माहौल था। बाद में अहले ईमान ने अल्लाह के प्यारे पैगंबर की याद में कुर्बानी की रस्म भी अदा की गयी। बकरीद को लेकर ईदगाहों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया था। सुकृत पुलिस चौकी प्रभारी पुरुषोत्तम सिंह अपने टीम के साथ शांतिपूर्ण त्योहार संपन्न कराने में जुटे थे।



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