विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बीजिंग में चीन के उपराष्ट्रपति वांग चिशान से की मुलाकात

12 अगस्त 2019

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बीजिंग में चीन के उपराष्ट्रपति वांग चिशान से सोमवार को मुलाकात की। वांग चिशान के साथ जयशंकर की यह मुलाकात काफी अहम है, क्योंकि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी भी चीन पहुंचे थे ।

जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को हटाए जाने पर कई देशों ने विरोध किया था वहीं, कुछ देश भारत के साथ खड़े नजर आए । पाकिस्तान सरकार कश्मीर पर लिए गए भारत के निर्णय पर बौखलाया हुआ है ।

बतादें कि विदेश मंत्री एस जयशंकर चीनी नेतृत्व के साथ वार्ता के लिए तीन दिवसीय दौरे पर रविवार को बीजिंग पहुंचे । उनकी यात्रा के दौरान इस साल राष्ट्रपति शी चिनफिंग के भारत दौरे के इंतजाम को अंतिम रूप देने सहित कई मुद्दों पर बातचीत होगी। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल की शुरूआत के बाद जयशंकर चीन का दौरा करने वाले पहले भारतीय मंत्री हैं । यह दौरा ऐसे वक्त भी हो रहा है, जब भारत ने जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करते हुए उसे दो केंद्रशासित क्षेत्रों में बांट दिया है । बताया जा रहा है कि इसमें कश्मीर पर भी बात हो सकती है ।

संविधान के अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को खत्म करने के भारत के फैसले के बहुत पहले उनका दौरा तय हो चुका था। राजनयिक से विदेश मंत्री बने जयशंकर साल 2009 से साल 2013 तक चीन में भारत के राजदूत रहे थे । किसी भारतीय दूत का यह सबसे लंबा कार्यकाल था । चीनी नेतृत्व के साथ उनकी वार्ता की शुरूआत सोमवार को होगी । आधिकारिक तौर पर इसकी घोषणा नहीं की गई है कि किन नेताओं के साथ उनकी बैठक होगी ।

वह चीनी स्टेट काउंसलर और विदेश मंत्री वांग यी के साथ भी द्विपक्षीय वार्ता करेंगे । बाद में दोनों मंत्री सांस्कृतिक और लोगों के आपसी संपर्क पर उच्च स्तरीय तंत्र की दूसरी बैठक की सह अध्यक्षता करेंगे । पहली बैठक पिछले साल नयी दिल्ली में हुई थी । जयशंकर की यात्रा के दौरान चार सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है ।अधिकारियों ने बताया वांग के साथ उनकी वार्ता के दौरान राष्ट्रपति के इस साल दूसरी अनौपचारिक वार्ता के लिए दौरे के इंतजामों को अंतिम रूप देने के मुद्दे पर भी बातचीत होगी ।

वर्ष 2017 में डोकलाम में 73 दिनों तक चले गतिरोध के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी ने पिछले साल वुहान में पहली अनौपचारिक वार्ता कर द्विपक्षीय संबंधों गति दी थी । अधिकारियों को उम्मीद है कि इस साल पहली बार द्विपक्षीय व्यापार 100 अरब डॉलर पार करने की उम्मीद है ।



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