सीबीएसई ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति छात्रों के बोर्ड परीक्षा शुल्क में 24 गुना वृद्धि की

11 अगस्त 2019

फाइल फोटो

सीबीएसई ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति छात्रों के लिए 10वीं और 12वीं कक्षा के बोर्ड परीक्षा शुल्क में 24 गुना वृद्धि की है । अब इस वर्ग के छात्रों को 50 रुपये के बजाय 1200 रुपये का शुल्क देना होगा । सामान्य वर्ग के छात्रों के शुल्क में भी दो गुनी वृद्धि की गई है और अब उन्हें 750 रुपये के स्थान पर 1500 रुपये देने होंगे । 10वीं की बोर्ड परीक्षा के लिए छात्रों को नवीं कक्षा में और 12वीं की बोर्ड परीक्षा के लिए 11वीं कक्षा में पंजीकरण करना होता है । सीबीएसई ने पिछले हफ्ते फीस वृद्धि की अधिसूचना जारी की और जिन स्कूलों ने पुरानी व्यवस्था के तहत पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हो गई है उन्हें छात्रों से फीस का अंतर वसूलने को कहा ।

नए नियम के मुताबिक, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के छात्र-छात्राओं को 5 सब्जेक्ट्स के लिए 1200 रुपये देने पड़ेंगे, जबकि पहले यह राशि सिर्फ 50 रुपये थी । इस हिसाब से बढ़ोतरी 24 गुना हो गई । वहीं जनरल कैटिगरी के छात्र-छात्राओं के लिए फीस दोगुनी कर दी गई है। उन्हें पहले 750 रुपये देने होते थे । लेकिन अब 5 सब्जेक्ट्स के लिए 1500 रुपये देने पड़ेंगे. सीबीएसई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह फीस 10वीं और 12वीं के एग्जाम के लिए लागू होगी ।
12वीं बोर्ड एग्जाम में अतिरिक्त विषय की परीक्षा देने पर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के छात्र-छात्राओं को अब जेब ढीली करनी पड़ेगी. अब उन्हें 300 रुपये देने होंगे, जबकि पहले कोई एक्स्ट्रा फीस नहीं देनी पड़ती थी । वहीं जनरल कैटिगरी के स्टूडेंट्स को एडिशनल सब्जेक्ट की परीक्षा देने पर 150 की बजाय अब 300 रुपये चुकाने होंगे । अधिकारी ने बताया कि नेत्रहीन छात्र-छात्राओं को सीबीएसई की एग्जाम फीस नहीं देनी होगी । जो छात्र आखिरी तारीख से पहले बाकी की राशि नहीं चुकाएंगे, उनका रजिस्ट्रेशन नहीं किया जाएगा और न ही 2019-20 की परीक्षा में बैठने दिया जाएगा ।



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