सावन के अंतिम शनिवार को दशमी तिथि का बन रहा संयोग,जानें पूजा विधि


सावन में शनि की उपासना से वर्ष भर शनि उपासना की आवश्यकता नहीं रहती. इस बार सावन के अंतिम शनिवार को दशमी तिथि का संयोग बन रहा है. जिसकी वजह से यह शनिवार विशेष फलदायी हो गया है. इस दिन शनि सम्बन्धी हर समस्या का निवारण किया जा सकता है.

सावन के अंतिम शनिवार को किस तरह के वरदान मिल सकते हैं ?

– संतान संबंधी हर समस्या दूर हो सकती है.

– आर्थिक समस्याएं और कर्ज से छुटकारा मिल सकता है.

– स्वास्थ्य और आयु की रक्षा का वरदान मिल सकता है.

– दुर्घटनाओं से रक्षा हो सकती है.

– साढ़ेसाती और ढैय्या की समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है.

– अन्य किसी भी तरह की शनि की समस्याएं दूर हो सकती हैं.

अलग अलग राशि के लोग सावन के अंतिम शनिवार को क्या करें ?

– मेष – भगवान शिव जी को बेलपत्र चढ़ाएं और शनि मंत्र का जप करें

– वृष – पीपल के नीचे दीपक जलाएं, नमः शिवाय का जप करें

– मिथुन – शनि मंत्र का जप करें, पीपल का पौधा लगाएं

– कर्क – पीपल के नीचे दीपक जलाएं, भोजन का दान करें

– सिंह – शिव मन्त्र का जप करें, सिक्कों का दान करें

– कन्या – भगवान शिव जी को बेलपत्र अर्पित करें, दीपक जलाएं

– तुला – काली दाल का दान करें, शिव मंत्र का जप करें

– वृश्चिक – शनि मंत्र और शिव मंत्र का जप करें

– धनु – खाने पीने की चीज़ों का दान करें, शनि मंत्र का जप करें

– मकर -भगवान शिव जी को जल अर्पित करें और दीपक जलाएं

– कुंभ – शिव मंत्र का जप करें, काली वस्तुओं का दान करें

– मीन – शनि मंत्र का जप करें, पीपल का पौधा लगाएं



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