खुटार के सरकारी अस्पताल से मरीज त्रस्त

01 अगस्त 2019

सुरेश श्रीवास्तव (संवाददाता)

-मरीजों को प्राइवेट पैथोलॉजी से जांच कराने के लिए किया जाता है मजबूर
-सरकारी पैथोलॉजी के भाई की पीएचसी के पड़ोस में है प्राइवेट पैथोलॉजी

खुटार शाहजहांपुर। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर आने वाले मरीजों को सरकारी अस्पताल से दवाई न देकर प्राइवेट मेडिकल स्टोर से दवाई लाने के लिए डॉक्टर खुलेआम पर्चे लिख रहे हैं और मरीजों की जांच के लिए सरकारी पैथोलॉजी में तैनात कर्मचारी के भाई की प्राइवेट पैथोलॉजी से जांच कराने को पर्चे बनाए जा रहे हैं। नगर के मोहल्ला नरायनपुर में रहने वाले अमरदीप गुप्ता ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी और जिला अधिकारी को आरोपित पत्र देकर शिकायत की है कि वह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर गुरुवार को दवाई लेने गए, जहां तैनात डॉ संजीव कुमार ने सरकारी पैथोलॉजी से जांच कराने के बजाय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के पड़ोस में ही स्थित कनौजिया पैथोलॉजी से सीबीसी, एमपीएमएफ, प्लेटलेट काउंट, विडाल टेस्ट, ब्लड टेस्ट के लिए पर्चा लिख दिया।

अमनदीप ने बताया कि यह प्राइवेट पैथोलॉजी अस्पताल में तैनात एक स्वास्थ्य कर्मचारी के भाई की है। उन्होंने बताया कि प्राइवेट पैथोलॉजी के लिए पर्चा लिखने के साथ ही डॉ संजीव कुमार ने उन्हें सरकारी अस्पताल से दवाएं और इंजेक्शन न देकर बाहर से दवाएं और इंजेक्शन लाने के लिए पर्चा बना दिया। अमरदीप का आरोप है कि मेडिकल स्टोर से दवाएं और इंजेक्शन खरीदकर लाने के बाद डॉक्टर संजीव कुमार के निजी कर्मचारी ने उनका एक महंगा इंजेक्शन व कुछ दवाएं अपने पास रख ली और सरकारी अस्पताल से एक इंजेक्शन लाकर उसको लगा दिया।

उन्होंने जिलाधिकारी से मामले की जांच कराकर डॉक्टर और पैथोलॉजी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उधर इस संबंध में डॉ संजीव कुमार से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि कुछ जांचे सरकारी पैथालॉजी में नहीं होती हैं। इसलिए उन्हें बाहर से जांच के लिए पर्चा लिखा गया था। इंजेक्शन गायब करने के आरोप गलत हैं।



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