मूर्तिया नरसंहार मामला : ट्रामा सेंटर से भगाए गए घायल, पुनः जिला अस्पताल की शरण में भेजे गए

20 जुलाई 2019

अंशु खत्री/आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)

– वाराणसी ट्रामा सेंटर से भगाए गए घायल

– प्रशासन ने पुनः अच्छा इलाज कराने का दावा कर एक बार फिर भेजा गया जिला अस्पताल

– जनपद न्यूज़ लाइव की पड़ताल में दिखी थी घायलों के प्रति जिला अस्पताल की दुर्व्यवस्था

– दर्द से कराहते मिले थे घायल

सोनभद्र । मूर्तिया नरसंहार में घायलों की हालत “आसमान से गिरे खजूर पर अटके” की कहावत चरितार्थ करती दिख रही है। भीषण नरसंहार में घायलों को जिला अस्पताल लाया गया था जहाँ से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें अच्छे उपचार के लिए वाराणसी ट्रामा सेंटर के लिए रेफर किया गया था। लेकिन वहाँ भी एक दिन रखने के बाद घायलों के शरीर से बगैर छर्रा निकाले भगा दिया गया उसके बाद पीड़ित किसी से उधार लेकर अपने खर्च पर वापस अपने गाँव चले आये। पीड़ितों के गाँव पहुँचते ही ग्रामीण उत्तेजित हो गए और प्रशासन पर घायलों का सही ढंग से इलाज न कराने का आरोप लगाने लगे। इसी दौरान घटना स्थल पर मौजूद पुलिस के अधिकारियों ने ग्रामीणों को अच्छे इलाज का भरोसा दिलाकर शांत कराया। पुलिस ने तत्काल 108 नं0 एम्बुलेंस बुलाकर घायलों को जिला अस्पताल भेजवाया। लेकिन दो दिन पूर्व जनपद न्यूज़ लाइव ने घायलों की स्थिति देखने के लिए जिला अस्पताल की रात्रि में पड़ताल की तो घायल अपने-अपने बेड पर कराहते और जागते मिले। घायलों ने बताया था कि यहाँ छर्रा निकालने में डॉक्टर आज-कल कर रहे हैं।

लेकिन बड़ा सवाल ये उठता है कि जब घायलों का इलाज जिला अस्पताल में ही कराना था तो उन्हें अच्छे इलाज का भरोसा देकर वाराणसी ट्रामा सेंटर क्यों भेजा गया और जब पूर्व से एडमिट मरीजों का इलाज संसाधनों के अभाव में नहीं हो रही पा रहा है तो फिर वाराणसी से वापस किये गए घायलों को अच्छे इलाज के भरोसे जिला अस्पताल में भर्ती कराने पर क्या उन्हें अच्छा इलाज मिल पायेगा।


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