बुद्ध की प्रतिमा ध्वस्त होने पर भारत तिब्बत समन्वय संघ ने की निंदा

अनिता अग्रहरि (संवाददाता)

धीना। भारत तिब्बत समन्वय संघ की बैठक सोमवार को एवती शिव मंदिर पर सम्पन्न हुआ।जिसमें चीन ने लुहुओ काउंटी(कार्दजे) में स्थित भगवान बुद्ध की 99 फीट ऊंची प्रतिमा को तालिबान का अनुसरण करते हुए गत दिनों ध्वस्त करने की कटु निंंदा किया गया।है।अब चीन का तिब्बतियों व बौद्ध भिक्षुओं को लेकर घिनौना चेहरा एक बार फिर सामने आने पर विस्तार पूर्वक चर्चा किया गया।
भारत तिब्बत समन्वय संघ के राष्ट्रीय संयोजक हेमेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि चीन की वामपंथी सरकार ने तिब्बत के ड्रैगो में खाम में बने 99 फीट ऊँची बुद्ध की एक प्रतिमा को ध्वस्त करने के साथ प्रार्थना के लिए 45 पहियों को भी जमींदोज कर दिया। जिसे बने हुए अभी 6 वर्ष ही हुए थे। बौद्धों के पास इसके जरूरी कागज़ात भी थे। इस मूर्ति का ध्वस्तीकरण 12 दिसम्बर 2021 से शुरू हुआ। इसको तोड़ने में 9 दिन लगे।इस घटना की पुष्टि रेडियो फ्री एशिया ने भी की है। उसने इसकी सैटेलाइट तस्वीरों को भी जारी किया है। जिसमें पहले एक बड़े सफेद छाते के नीचे खड़ी सफेद मूर्ति अब मलबा बन चुकी है।इस मूर्ति का निर्माण स्थानीय तिब्बती समुदाय ने 5 अक्टूबर 2015 को करवाया था। इसमें लगभग $6.3 मिलियन का खर्च आया था।चीनी अधिकारियों ने इसकी अधिक ऊँचाई होने का बहाना बनाया था। जबकि इसका निर्माण पूरे कानूनी दायरे में किया गया था।

इस मौके पर काशी प्रान्त संयोजक अजीत कुमार पांडेय, प्रोफेसर प्रयाग दत्त जुयाल, अरविंद कुमार केशरी, विजय मान, विवेक सोनी, रामकुमार सिंग, मनोज उपाध्याय, राकेश मौर्या आदि रहे।

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