टॉवर के नीचे बन रहे सामुदायिक शौचालय व पंचायत भवन बढ़ा रहे टेंशन

आनंद कुमार चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र । बेहतरी व सुरक्षा की नियत से बने नियमों का किस तरह उल्लंघन किया जा रहा इसकी बानगी जिले में मौजूद है। मास्टर प्लान के नियमों को ताक पर रख प्राइवेट भवनों का तो निर्माण हो ही रहा सरकारी भवन भी टावर व हाईटेंशन लाइन के नीचे धड़ल्ले से बनाए जा रहे हैं।

बतादें कि टावर लाइन, हाईटेंशन व एलटी लाइन का अलग-अलग मानक है। 132 केवी लाइन के लिए 30 मीटर दूरी तय की गई है। इसी तरह 220 केवी के लिए 50 मीटर व इससे उपर की लाइन के लिए 64 मीटर दूरी तय है। बावजूद नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है।

छपका ट्रांसमिशन उपकेंद्र के एसडीओ के मुताबिक ट्रांसमिशन से जुड़े लाइन इंस्पेक्टर मीरजापुर बैठते हैं। सरकारी या गैर सरकारी भवनों का निर्माण कराने से पहले उन्हें लाइन इंस्पेक्टर से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना होता है। यह अनापत्ति प्रमाण पत्र जमा करने के बाद ही भवन का नक्शा पास हो सकता है। बावजूद नियमों का उल्लंघन जारी है। जनहित व सुरक्षा के लिए बने नियमों को कदम-कदम पर कुचला जा रहा है।

ताजा मामला रॉबर्ट्सगंज विकास खण्ड के ग्राम सभा नई का है, जहाँ हाईटेंशन टॉवर के ठीक नीचे सामुदायिक शौचालय और पंचायत भवन का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। हाईटेंशन टॉवर के नीचे तन रही इमारतों से बड़े हादसे का अंदेशा है, बावजूद जिम्मेदार मौन साधे हैं।

पूरे मामले पर जब डीपीआरओ विशाल सिंह से बात कि गयी तो उन्होंने बताया कि “पूरे मामले की जाँच की जाएगी।”

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