अब वाहनों में तेज आवाज के साइलेंसर लगवाए तो पकड़ेगा परिवहन विभाग

आनंद कुमार चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र । शांतिमय वातावरण के दुश्मन ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ जंग शुरू हो गई है। उच्च न्यायालय से मिले निर्देशों के बाद परिवहन प्रशासन तेज आवाज व रौबीली सवारी के रूप में मशहूर बुलेट समेत अन्य तेज आवाज वाले वाहन चालकों पर शिकंजा कसने जा रहा है। परिवहन विभाग और पुलिस प्रशासन ऐसे बाइकर्स को रोक कर उनका तगड़ा चालान काट रही है।

जिले में भारी संख्या में ऐसे बुलेट चालक हैं, जो भोकाल बनाने के चक्कर में कंपनी का साइलेंसर निकालकर दूसरे साइलेंसर लगा लिए हैं। इससे यह चलते समय तेज ध्वनि उत्पन्न कर रहे हैं। ऐसे वाहन जब सड़क से गुजरते हैं, तो अन्य यात्रियों के हड़बड़ा कर दुघर्टनाग्रस्त हो जाने का खतरा रहता है साथ ही बच्चों, महिलाओं, वृद्धों के साथ मरीजों की मुश्किलें भी बढ़ जाती हैं। यहीं नहीं बहरेपन समेत अन्य बीमारियों की चपेट में लोग तेजी से आ रहे हैं। लोगों की परेशानी को देखते हुए संभागीय परिवहन विभाग और यातायात पुलिस ने संयुक्त रूप से आज नगर के बढ़ौली चौक से ऐसे वाहन चालकों पर कार्रवाई की शुरुआत कर दी है।

एआरटीओ पी0एस0राय और यातायात प्रभारी राजेश सिंह के नेतृत्व में तेज आवाज वाली बाइकों के खिलाफ अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान तेज आवाज करने वाले मॉडिफाइड बुलेट बाइकर्स को रोक कर न सिर्फ ध्वनि प्रदूषण मापक यंत्र से उनकी जाँच की बल्कि उनका चालान भी काटा गया।

एआरटीओ पी0एस0राय ने बताया कि “वर्तमान में नए चलन के अनुसार कंपनी मेड बाइक व उसके साइलेंसर से छेड़छाड़ की जा रही है। आवाज को रोबदार व कर्कश बनाने का चलन तेज हुआ है। इसके कारण राह चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी संबंध में उच्चतम न्यायालय में दाखिल जनहित याचिका के निर्देशों के क्रम में आज से 80 डीबी से ज्यादा की ध्वनि उत्पन्न करने वाले वाहनों की जाँच कर चालान काटा जा रहा है। यह कार्रवाई आगे भी चलती रहेगी। जो भी दोपहिया वाहन स्वामी परिवर्तित साइलेंसर लगाए हैं, तत्काल उसे निकाल दें। वाहन स्वामी के साथ ही साइलेंसर विक्रेता पर भी कार्रवाई की जाएगी।”

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