रामलला के दरबार में मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन कार्यक्रम के 1 वर्ष पूरे होने पर 5 अगस्त सीएम योगी पहुंचेंगे अयोध्या

रामलला के दरबार में मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन कार्यक्रम के 1 वर्ष पूरे होने पर 5 अगस्त को विशेष अनुष्ठान का आयोजन किया जाएगा. इस धार्मिक अनुष्ठान में यजमान के रूप में खुद प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौजूद रहेंगे. सीएम योगी रामलला का दर्शन करने के बाद अन्न योजना के तहत लाभार्थियों को अनाज वितरित करेंगे. इस दौरान सीएम योगी करीब 3 घंटे तक राम नगरी अयोध्या में रहेंगे.
जानकारी के मुताबिक 5 अगस्त की दोपहर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या एयरपोर्ट पर उतरेंगे. जिसके बाद सड़क मार्ग से राम जन्मभूमि परिसर पहुंचेंगे, जहां वह रामलला के दर्शन करेंगे और धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होंगे. दर्शन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राम जन्मभूमि परिसर में मंदिर निर्माण की प्रगति की समीक्षा करेंगे. इसके बाद सीएम योगी जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ अयोध्या में चल रही विकास योजनाओं का निरीक्षण करेंगे. जिसके बाद पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत लाभार्थियों को अनाज वितरित करेंगे.
बताते चलें कि 9 नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट की विशेष अदालत ने विवादित भूमि पर एक बड़ा फैसला दिया था. पूरी भूमि रामलला को सौंपने के बाद 5 अगस्त 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर मार्ग के लिए भूमि पूजन किया था।श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अलावा राम मंदिर निर्माण समिति का भी गठन किया गया है जिसके चेयरमैन रिटायर्ड आईएएस अधिकारी नृपेंद्र मिश्र हैं। राम मंदिर निर्माण समिति राम मंदिर निर्माण की प्रगति को लेकर हर तीसरे महीने बैठक करती है जिसमें ट्रस्ट के पदाधिकारी सदस्य एलएनटी व टाटा कंसलटेंसी के एक्सपर्ट आर्किटेक्ट लोग शामिल होते हैं। सभी बैठकों में राम मंदिर निर्माण की प्रगति को लेकर समीक्षा होती है और आगे को लेकर रणनीति तय की जाती है। 1 साल के बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया कि 2023 के अंत तक रामलला भव्य मंदिर में विराजमान हो जाएंगे और श्रद्धालुओं को भी 2030 के अंत तक भव्य मंदिर में रामलला के दर्शन मिलने लगेंगे।राम मंदिर की प्लिंथ के लिए मिर्जापुर स्टोन का उपयोग किया जाएगा। मिर्जापुर स्टोन के लिए आर्डर भी दे दिया गया है मिर्जापुर स्टोन के कुछ पत्थर अयोध्या पहुंच भी चुके हैं। प्लिंथ के वाटर प्रूफिंग के लिए प्लिंथ के चारों ओर ग्रेनाइट पत्थर की 3 लेयर लगाई जाएगी। माना जा रहा है कि ग्रेनाइट पत्थर बरसात के पानी को कम सोखती है। राम मंदिर के परकोटा के लिए जोधपुर पत्थर का उपयोग करने का निर्णय लिया गया है जिसके लिए राजस्थान सरकार से संपर्क भी किया गया है। मन्दिर निर्माण में उपयोग होने वाले बंसी पहाड़पुर पत्थर के संबंध में भी राजस्थान सरकार से ट्रस्ट की बातचीत हुई है। राम मंदिर की नीव लगभग 60% तैयार हो चुकी है।42 लेयर में बनने वाली नीव की 26 लेयर तैयार हो चुकी है। कोरोना के चलते राम मंदिर निर्माण में धीमी प्रति सामने आई थी लेकिन कोरोना काल समाप्त होने के बाद एलएनटी ने अपने काम को तेजी से शुरू करना शुरू किया जिसके बाद 26 लेयर बनकर तैयार हो चुकी है।माना जा रहा है कि 15 सितंबर तक नीव का काम पूरा हो जाएगा।

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