कोयला चोरी को लेकर सांसद का बड़ा खुलासा, प्रधानमंत्री ने लिया सज्ञान

आनंद कुमार चौबे (संवाददाता)

● सांसद ने एनसीएल में कोयला चोरी को लेकर लिखा पीएम को पत्र

● सीएमडी पर लगाया गंभीर आरोप

● सांसद का खुलासा, कैसे सड़क से महलों तक पहुंच गए लोग

सोनभद्र । पूरे बंगाल चुनाव के दौरान बीजेपी ने कोयले की भट्ठी पर खूब हाथ सेंका। इस दौरान कोयले पर सियासी रोटियां भी सेकी गयीं, मगर यह बात दीगर है कि वह रोटी बीजेपी के भोग नहीं लग पाया।

अब जब 2022 में विधानसभा चुनाव यूपी में होना है तो कोयले की लपट यूपी में दिखने लगी है। सोनभद्र से सांसद पकौड़ी लाल कोल के एक पत्र ने न सिर्फ सियासत गर्म कर दी है बल्कि खुद की सरकार पर सवाल भी खड़े कर दिए हैं।

सांसद ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर बताया कि कैसे सिंगरौली परिक्षेत्र में कोयला व डीजल की चोरी हो रही है और प्रतिदिन करोड़ो रूपये का चूना सरकार को उन्हीं के अधिकारी लगा रहे हैं।

सांसद पकौड़ी लाल कोल ने पत्र के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बताया कि एनसीएल की 11 खदानों में से 5 यूपी के सोनभद्र में तो शेष 6 खदान मध्यप्रदेश के सिंगरौली क्षेत्र में हैं। जहां से कोयला निकालकर सरकारी व निजी कम्पनियों को बेचा जाता है।

सांसद ने प्रधानमंत्री को लिखा कि आप जहाँ न्यू इंडिया का निर्माण और कोरोना महामारी में सरकार की बिगड़ी अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में रात दिन लगे हुए हैं। वहीं सीएमडी कोयला, लोहा, कबाड़ व डीजल चोरी में लिप्त हैं।

सांसद ने दो व्यक्तियों का उदाहरण देते हुए कहा कि एक व्यक्ति जो सड़क व बाजार की गलियों में घूमकर कबाड़ इकट्ठा किया करता था और सीएमडी के सम्पर्क में आने के बाद थोड़े दिनों में कबाड़ बेचकर करोड़ों रूपये के संपत्ति का मालिक बन गया और आज उसके कई शहरों में मकान व कम्पनी भी हो गयी।

जबकि दूसरा व्यक्ति वह है जो सड़क के किनारे साईकिल का पंचर बनाया करता था, वह भी सीएमडी के संपर्क में आने के बाद से रातों-रात करोड़पति बन गया और आज उसके पास ढेर सारी ट्रकें, कई बड़े होटल व पेट्रोल पंप है।

सांसद ने अपने पत्र में चोरी किये जाने का तरीका भी बताया है कि कैसे कोयले की चोरी की जाती है। सांसद ने पत्र के माध्यम से बताया कि क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान बताया गया कि जब कोयला खदान से कोयला लोडकर हजारों ट्रक बाहर निकाली जाती है तो वह ट्रक कोयले की वजन करने के लिये धर्मकाटा पर जाती है लेकिन सैकड़ों सेटिंक की ट्रकों का ब्रेकफेल बताकर धर्मकाटा के बगल से निकाल दिया जाता है और बाद में वह कोयला अवैध तरीके से बेच दिया जाता है।

इसके अलावा जब मालगाड़ी कोयला लोडकर थोड़ी दूर पर जाकर खड़ी होती है तो सैकड़ो लेबर कोयला नीचे गिरा देते हैं। वह कोयला ट्रक द्वारा मध्य प्रदेश व उत्तर प्रदेश में बेच दिया जाता है। सांसद ने जांच कराकर दोषियों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही कराने की मांग की है।

चुनाव के ठीक पूर्व सांसद का यह पत्र निश्चित तौर पर विपक्ष के लिए चुनावी हथियार बन सकता है । क्योंकि यूपी में योगी की सरकार है और सांसद पकौड़ी लाल कोल जिस स्थान की बात कर रहे हैं वहां से प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र लगभग 250 किमी0 दूर ही है।

बहरहाल सांसद के पत्र ने यूपी में सियासत गर्म कर दी है। अब देखना है कि यूपी में कोयले की भट्ठी पर कौन-कौन राजनीतिक रोटियां सेकता है।

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