इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2021 के विरोध में, बिजली कर्मियों ने किया विरोध प्रदर्शन

कृपाशंकर पांडे (संवाददाता)

-इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2021 के विरोध में देशभर में बिजली कर्मियों के साथ उत्तर प्रदेश के बिजली कर्मियों ने किया विरोध प्रदर्शन

-10 अगस्त को बिजली कर्मचारी व इंजीनियर कार्य बहिष्कार करेंगे

ओबरा। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति,उप्र के आह्वान पर सोमवार को प्रदेश के सभी ऊर्जा निगमों के तमाम बिजली कर्मचारियों,जूनियर इंजीनियरों और इंजीनियरों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किये। बिजली कर्मचारियों ने एलान किया कि इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2021 वापस न लिया गया तो देश के 15 लाख बिजली कर्मचारी व इंजीनियर एक साथ उत्तर प्रदेश के बिजली कर्मी 10 अगस्त को एक दिन का कार्य बहिष्कार करेंगे।
स्थानीय ओबरा तापीय परियोजना पर भी विद्युत कर्मचारी सँयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले बिजली कर्मियों ने सोशल डिस्टेनसिंग का पालन करते हुए दो घंटे का विरोध सभा किया।सभा में वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार ने संसद के मानसून सत्र में इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2021 संसद में रखने और पारित करने का ऐलान किया है। इसलिए संसद के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को देशव्यापी प्रदर्शन आयोजित किये गए हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि बिजली क़ानून में व्यापक बदलाव वाले इस बिल को जल्दबाजी में पारित करने के बजाय इसे संसद की बिजली मामलों की स्टैंडिंग कमेटी को भेजा जाना चाहिए और कमेटी के सामने बिजली उपभोक्ताओं और बिजली कर्मियों को अपने विचार रखने का पूरा अवसर दिया जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिसिटी एक्ट 2003 में उत्पादन का लाइसेन्स समाप्त कर बड़े पैमाने पर बिजली उत्पादन का निजीकरण किया गया जिसके परिणाम स्वरुप देश की जनता को निजी घरानों से बहुत महंगी बिजली की मार झेलनी पड़ रही है।अब इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2021 के जरिये बिजली वितरण का लाइसेंस लेने की शर्त समाप्तकी जा रही है जिससे बिजली वितरण के सम्पूर्ण निजीकरण का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा। इस बिल में प्राविधान है कि किसी भी क्षेत्र में एक से अधिक बिजली कम्पनियाँ बिना लाइसेंस लिए कार्य कर सकेंगी और बिजली वितरण हेतु यह निजी कम्पनियाँ सरकारी वितरण कंम्पनी का इंफ्रास्ट्रक्चर और नेटवर्क इस्तेमाल करेंगी।उन्होंने बताया कि निजी कम्पनियाँ केवल मुनाफे वाले औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को ही बिजली देंगी जिससे सरकारी बिजली कंपनी की वित्तीय हालत और खराब हो जाएगी।इस प्रकार नए बिल के जरिये सरकार बिजली वितरण का सम्पूर्ण निजीकरण करने जा रही है जो किसानों और गरीब घरेलू उपभोक्ताओं के हित में नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि केंद्र सरकार ने 10 अगस्त के पहले संसद में बिल रखा तो देश भर के बिजली कर्मी उसी दिन हड़ताल करेंगे।
सभा को प्रमुख रूप से शशिकांत श्रीवास्तव, इं अंकित प्रकाश, इं मनीष मिश्रा,अजय सिंह, इं नवीन चावला, इं आर.जी. सिंह,प्रभात पांडे, रामयज्ञ मौर्य, लालचंद, सतीश कुमार, शाहिद अख्तर, दीपक सिंह, अंबुज सिंह, उमेश सिंह, दिनेश यादव, विजय सिंह, योगेंद्र प्रसाद, कैलाश नाथ ने संबोधित किया। सभा की अध्यक्षता विद्युत संघर्ष समिति के संयोजक इं अदालत वर्मा तथा संचालन इं अभय प्रताप सिंह ने किया।
विरोध सभा में इं आर के सिंह, इं डीएन सिंह, इं कालिका सिंह, इं संदीप मधेशिया, इं आर के मिश्रा, इं अशोक यादव, कमलेश कुमार, संजय शुक्ला,पशुपति नाथ विश्वकर्मा,दीपू गोपीनाथन, श्रीजीत, अरुण कुमार सिंह, प्रह्लाद शर्मा, उमेश सिंह, सुरेश कुमार, राघवेंद्र सिंह,मनीष तिवारी,बलवंत राय, योगेंद्र दुबे सहित कई अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।

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