एक बार फिर शर्मसार हुई मां की ममता, लावारिस हालत में मिला नवजात शिशु

अंशु खत्री/विनोद धर (संवाददाता)

जिला बाल संरक्षण इकाई के ओआरडब्ल्यू शेषमणि दुबे ने लावारिस नवजात को अपने संरक्षण में लेकर जिला अस्पताल में कराया भर्ती

चुर्क । आज चुर्क चौकी में एक बार फिर माँ की ममता शर्मसार हो गयी जब लोकलाज के भय से एक माँ अपने नवजात को लावारिश हालत में गांव के बाहर खेत में वीरान पड़े मकान में लावारिस छोड़कर चली गयी। जानकारी के अनुसार रौप गांव में आज अलसुबह खेत की तरफ निकले ग्रामीणों ने गांव से किनारे खेत में बने वीरान मकान के बरामदे में एक लावारिस नवजात शिशु देख इलाके में सनसनी फैल गयी। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठा हो गयी। उसी समय गांव की एक महिला ने बच्चा गोंद लेने की इच्छा जाहिर की लेकिन मौके पर मौजूद बाल संरक्षण विभाग के अधिकारियों ने उस नवजात बच्चे को महिला को नहीं दिया। उन्होंने बताया कि बच्चा गोद लेने की ऑनलाइन प्रक्रिया करने के बाद ही बाल संरक्षण विभाग तय करेगा बच्चा को दिया जाए या न दिया जाए।

ग्राम प्रधान प्रतिनिधि इंद्रजीत यादव ने बताया कि “आज सुबह कुछ महिलाएं खेत की तरफ जा रही थी तो उन्होंने विजय यादव के खेत में बने मकान के बरामदे से एक बच्चे की रोने की आवाज सुनी। हालांकि गांव से किनारे खेत में बनाया गया है उस मकान पर कोई रहता नहीं था वह मकान विरान पड़ा था। जब महिलाएँ उस जगह पहुँची तो कपड़े मे लपेट कर एक नवजात बालक रखा हुआ था। उन्होंने तत्काल घटना की जानकारी मुझे दी और मैंने डॉयल 112 और चुर्क चौकी को पूरे मामले से अवगत करा दिया।”

सूचना मिलते ही चुर्क चौकी पुलिस एवं डॉयल 112 मौके पर पहुंच गयी तो देखा बच्चा सुरक्षित है तथा जीवित है। चुर्क चौकी पुलिस ने इसकी सूचना बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष महताब आलम को दी। उन्होंने नवजात के रेस्क्यू के लिए जिला बाल संरक्षण इकाई के ओआरडब्ल्यू शेषमणि दुबे को मौके पर भेजा। शेषमणि दुबे ने बच्चे को अपने संरक्षण में लेते हुए इलाज के लिए जिला अस्पताल ले गए, जहाँ उसे एनआईसीयू में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है।

इस संबंध में जिला प्रोबेशन अधिकारी डॉ0 अमरेंद्र पौत्स्यायन ने बताया कि “लगता है कि लोकलाज की वजह से अल सुबह नवजात को गांव के बाहर कपड़े में लपेट कर रखा गया था। उसे जिला बाल संरक्षण इकाई के संरक्षण में ले लिया गया है और उसका लोढ़ी स्थित जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। गोंद लेने के लिए इच्छुक दम्पति को ऑनलाइन प्रक्रिया अपनानी होगी।”

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