कैसे इन पांच गांव के प्रशासकों ने आपदा को अवसर बदल लिया, 2.5 करोड़ की जांच करेंगे जिले के अधिकारी

आनन्द चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र । प्रधान का कार्यकाल खत्म होने के साथ ही प्रशासकों के जिम्मे गांव को दे दिया गया ताकि विकास कार्य बाधित न हो सके । उसी दरमियान दूसरी लहर भी शुरू हो गयी । दूसरी लहर में सारा प्रशानिक अमला कोविड में लगा हुआ था । लोग दिन रात कोरोना मरीजों को बचाने का काम कर रहे थे । लेकिन जनपद में कई गांव के अधिकारी व कर्मचारी ऐसे थे जो आपदा को अवसर में बदलने में लगे हुए थे। लेकिन उनका काम चर्चा में आ गया और अब जांच शुरू होने जा रही है ।

सीडीओ डॉ0 अमित पाल शर्मा ने मामले की जांच के लिए जिला विकास अधिकारी राम बाबू त्रिपाठी, जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी और डीआरडीए के सहायक अभियंता को नामित किया है। जांच के लिए सीडीओ द्वारा जारी पत्र में जिक्र किया गया है कि म्योरपुर ब्लॉक के जरहां ग्राम पंचायत से 88 लाख 41 हजार 169 रुपये, चोपन ब्लॉक के कोटा ग्राम पंचायत से 52 लाख 80 हजार 615 रुपये, बिल्ली मारकुंडी से 47 लाख 10 हजार 634 रुपये, पनारी ग्राम पंचायत से 32 लाख 24 हजार 736 रुपये आहरित किये गए। इसी तरह कोन ब्लॉक के बागेसोती ग्राम पंचायत से 40 लाख 63 हजार 10 रुपये आहरित किये गए। इस तरह इन पांच ग्राम पंचायतों से एक जनवरी 2021 से 31 मई 2021 तक मे प्रशासकों ने दो करोड़ 61 लाख 20 हजार 164 रुपये आहरित कर लिए। सीडीओ ने जांच टीम से सात दिन में जांच रिपोर्ट तलब किया है, 15 दिन में जांच रिपोर्ट शासन को भेजी जानी है।

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