स्मारक घोटाले का जिन्न फिर निकला बाहर, विजिलेंस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार

संजीव कुमार पांडेय (संवाददाता)

मिर्जापुर । प्रदेश के विधानसभा चुनावों से ठीक पहले एक बार फिर मायावती सरकार के शासनकाल में हुए स्मारक घोटाले का जिन्न बाहर निकल आया है। मामले की जांच कर रही विजिलेंस लखनऊ ने दो दिन पूर्व अहरौरा थाना क्षेत्र से दो लोगों को गिरफ्तार किया है, दोनों आरोपी पत्थर खदानों के पट्टेदार हैं। उत्तर प्रदेश में 2007 से 2012 तक बसपा सरकार के दौरान लखनऊ और नोएडा में स्मारकों का निर्माण किया गया था।

स्मारकों में राजस्थान के अलावा अहरौरा के गुलाबी पत्थरों का इस्तेमाल किया गया था। अखिलेश सरकार के दौरान 2013 में लोकायुक्त ने जांच रिपोर्ट में करोड़ों में घोटाला होने की बात कही थी। 2013-14 में जांच शुरू हुई। आरोप था कि मिर्जापुर के अहरौरा के गुलाबी पत्थरों का उपयोग लखनऊ में बने स्मारकों में किया गया पर उसकी सप्लाई राजस्थान से दिखाई गई। तभी से घोटाले की जांच चल रही है।

घोटाले की जांच कर रही विजिलेंस लखनऊ की टीम दो दिन पूर्व जिले में आई। पुलिस अधीक्षक को जानकारी देने के बाद विजिलेंस टीम ने अहरौरा से रमेश यादव और किशोरी लाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। विधानसभा चुनाव नजदीक आने के बाद स्मारक घोटाले की जांच को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।

पुलिस अधीक्षक अजय कुमार सिंह ने बताया कि “दो दिन पूर्व विजिलेंस की टीम आई थी और स्मारक घोटाला मामले में दो लोगों को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई है।”

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