जिपं अध्यक्ष चुनाव: सपा व एनडीए के नेता सदस्यों को अपने पाले में करने लिए अपना रहे हर फार्मूला

आनंद कुमार चौबे (संवाददाता)

दोनों ही दल अपने समर्थित जिला पंचायत सदस्यों की लगातार कर रहे निगहबानी

● क्रास वोटिंग का सता रहा डर, कुछ पंचायत सदस्यों के जमा करा लिए गए फोन

सोनभद्र जिला पंचायत अध्यक्ष पद का नामांकन होने के बाद अब जिले में सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। प्रदेश के कई जिलों में भाजपा प्रत्याशियों की निर्विरोध जीत तय होने के बाद समाजवादी पार्टी ने अपने समर्थित जिला पंचायत सदस्यों की निगरानी तेज कर दी है। इस बीच अपना दल और भाजपा ने भी अपने वरिष्ठ नेताओं को जिला पंचायत सदस्यों की निगहबानी में लगा दिया है। दोनों ही दलों के लिए जिला पंचायत सदस्यों को अपने पाले में तीन जुलाई तक रोक के रखना एक बड़ी चुनौती हो गई है।

बताते चलें कि सोनभद्र से जयप्रकाश उर्फ चेखुर पांडेय ने सपा प्रत्याशी के रूप में नामांकन किया है, जबकि भाजपा और अपना दल (एस0) गठबंधन प्रत्याशी के रूप में राधिका पटेल ने दो सेटों में नामांकन दाखिल किया है।

दरअसल जिला पंचायत अध्यक्ष बनने के लिए एनडीए और सपा दोनों के ही पास अभी पर्याप्त समर्थन नहीं है। हालांकि दोनों ही दल के नेता लगातार जीत का दावा कर रहे हैं। एनडीए की बात करें तो उसके पास भाजपा के 6 और अपना दल (एस0) के 4 सदस्यों का समर्थन हासिल है, वहीं सपा के पास 11 सदस्य हैं जबकि अध्यक्ष पद के लिए 16 सदस्यों का समर्थन जरूरी है।

एडीए के नेताओं का कहना है कि उनके पास पर्याप्त सदस्यों का समर्थन हो गया है। इसी तरह सपाई भी 20 से ज्यादा सदस्यों के समर्थन की बात कर रहे हैं। जिला पंचायत के पिछले कुछ चुनावों पर नजर डाले तो सत्ता पक्ष से जुड़े दल का ही प्रत्याशी अध्यक्ष पद की कुर्सी पर काबिज होता है।

सपा के पूर्व घोरावल विधायक रमेश चंद्र दुबे कहते हैं कि “पार्टी को पूरा विश्वास है कि इस बार सोनभद्र में इतिहास बदलेगा और विपक्षी दल के प्रत्याशी के रूप में जय प्रकाश उर्फ चेखुर पांडेय जिला पंचायत अध्यक्ष बनेंगे।”

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