आजीविका मिशन: स्वयं सहायता समूह के सहयोग से, ग्रामीण महिलाओं का बढ़ रहा हौसला

राजेश कुमार (संवाददाता)

बभनी। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं ने प्राप्त उपकरणों के माध्यम से अपने-अपने घरों पर ही छोटे-छोटे उपकरणों को तैयार करने में लगी हैं जहां तीन वर्षों पहले इन्हीं क्षेत्रों में ग्रामीण महिलाएं अपने चारदिवारी के अंदर कैद रहा करती थीं और उनके घरों में भी लोग शराब पीकर बेवजह बकवास करना अनावश्यक घूमना और जुएं खेलने जैसा काम किया करते थे आएदिन थानों में शराब पीकर मारपीट के मामले आया करते थे आज वही तीन वर्षों के ही अंदर स्वयं सहायता समूह के तहत लोगों ने तीव्र स्तर पर कार्य करना शुरू कर दिया वहीं आज शासन के द्वारा दिए गए छोटे-छोटे सहयोग से ही महिलाओं ने सड़क पर उतरकर अपने घरों का जीविकोपार्जन करने में लगी हैं वहीं उनके घर के लोगों में भी सुधार आया और वहीं लोग कुछ नया कर गुजारने की सोंच रखने लगे। खंड मिशन प्रबंधक मिथिलेश पांडेय ने बताया कि इकतालिस ग्राम पंचायत हैं जहां दस गांवों के एक कलस्टर बनाए गए हैं जिनका उद्देश्य आय संवर्धन गतिविधियों को आर्थिक स्थिति से सुदृढ़ कराना है प्रधानमंत्री बंधन समूह के तहत पंद्रह समूह है जिसमें सबकी फंडिंग हो गई है और एक की नहीं हो पाई है।

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