कोविड-19 के तीसरे लहर को दृष्टिगत सभी तैयारियाँ करें ससमय पूर्ण- डॉ0 नीता साहू

आनंद कुमार चौबे (संवाददाता)

कोरोना प्रभावित बच्चों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना से करें आच्छादित

मानव तस्करी में संलिप्त व्यक्तियों को जल्द से जल्द भेजा जाय सलाखों के पीछे

सोनभद्र । आज राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य डॉ0 नीता साहू ने रॉबर्ट्सगंज स्थित पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में संबंधित अधिकारियों के साथ बच्चों के संबंध में बैठक की। बैठक में पुलिस विभाग के एडिशनल एसपी विनोद कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक प्रवीण मिश्रा, श्रम विभाग से गोविंद यादव, स्वास्थ्य विभाग से रिपुंजय श्रीवास्तव, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष महताब आलम व सदस्य उमेश पाठक तथा महिला शक्ति केंद्र की जिला समन्वयक साधना मिश्रा एवं सीमा द्विवेदी तथा जिला बाल संरक्षण इकाई से शेषमणि दुबे तथा जिला प्रोबेशन अधिकारी डॉ0 अमरेंद्र कुमार पौत्स्यायन एवं मानव तस्कर रोघी ईकाई के सुजीत सेठ, महिला थानाध्यक्ष संतु सरोज ने प्रतिभाग किया।

इस दौरान राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य डॉ0 नीता साहू ने जिला प्रोबेशन अधिकारी से जनपद में कोविड-19 से मृत परिजनों के बच्चों की जानकारी ली तथा उन्हें मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत आच्छादित करने का निर्देश दिया।

जिस पर जिला प्रोबेशन अधिकारी डॉ0 ए0के0 पौत्स्यायन ने जानकारी देते हुए बताया कि “वर्तमान समय तक 53 बच्चे चिन्हांकित किए गए हैं तथा 43 बच्चों का आवेदन कार्यालय को प्राप्त हुए है। इन सभी पात्र फार्मों को सत्यापन के लिए संबंधित खंड विकास अधिकारी एवं उप जिलाधिकारी को प्रेषित किया गया है।”

वहीं राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य ने श्रम विभाग से बाल श्रम की स्थिति तथा बालश्रम से मुक्त कराए गए बच्चों के लिए चलाए जा रहे योजनाओं की जानकारी ली। वहीं उन्होंने मानव तस्करी के मुद्दे पर चर्चा करते हुए पुलिस विभाग को निर्देशित किया कि इस कार्य में संलिप्त व्यक्तियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाय।

स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित करते हुए उन्होंने कहा कि कोविड-19 के तीसरे लहर को दृष्टिगत रखते हुए समस्त तैयारियां समय के पूर्व कर ली जाए ताकि कोई बच्चा असमय काल के गाल में न चला जाए।

समीक्षा बैठक के बाद डॉ0 नीता साहू ने शिशु गृह, बाल गृह बालिका तथा जिला चिकित्सालय लोढी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बाल गृह बालिका में बालिकाओं को कम मात्रा में दूध उपलब्ध कराने की शिकायत पर अधीक्षका को निर्देशित किया कि बच्चों को मानक के अनुकूल दूध उपलब्ध कराई जाए तथा बच्चों को समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण जरूर कराएं साथ ही बच्चों के पुनर्वासन व शिक्षा पर विशेष ध्यान दिए जाय ताकि बच्चों का सर्वांगीण विकास प्रभावित न हो।

जिला चिकित्सालय के निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ0 के0 कुमार को निर्देशित किया कि बच्चों के स्वास्थ्य के बारे में संवेदनशील होकर कार्य करें तथा उन्हें उचित सुविधाएं मुहैया कराएं। इस कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरतें। कोविड-19 के तीसरे लहर को दृष्टिगत रखते हुए सारी तैयारियां ससमय पूर्ण कर लें।

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