कृषि कानून के खिलाफ पू0न0नि0मं0 के किसानों का विरोध प्रदर्शन

आनंद कुमार चौबे (संवाददाता)

हरिया हरि के रुठते, जस किसान की रीति।
ऋण दोगुना, बीज घना तब भी खेत से प्रीति।।

सोनभद्र । आज ही के दिन केन्द्र सरकार ने किसानों के लिए नया कृषि कानून पारित किया था। जिसको लेकर जागरुक किसानों द्वारा शुरु से ही इन तीनों कृषि कानूनों को किसान विरोधी बताकर सरकार से इसे वापस लेने की मांग कर रहे हैं। केन्द्र सरकार द्वारा पारित दोषपूर्ण कृषि कानून के खिलाफ छः महीने से अधिक समय से किसान आंदोलन कर रहे हैं। फिर भी सरकार किसानो की सुधि लेने को उनकी सुनने को तैयार नहीं है। आज कृषि कानून पारित होने के एक वर्ष पूरा होने पर दिल्ली में आंदोलनरत संयुक्त किसान मोर्चे के किसानों के आह्वान पर सोनभद्र में पूर्वांचल नव निर्माण मंच के अध्यक्ष श्रीकांत त्रिपाठी के नेतृत्व में किसानों ने काले कृषि कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया तथा महामहिम राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन पन्नूगंज कोतवाली प्रभारी अभिनव कुमार वर्मा को सौंपा।

पूर्वांचल नव निर्माण मंच के अध्यक्ष श्रीकांत त्रिपाठी ने विरोध प्रदर्शन के दौरान कहा कि किसानों को पहले केवल प्राकृतिक आपदाओं से संघर्ष करना पड़ता था और अब प्राकृतिक आपदा के अलावा खुद अपने द्वारा बनाई गई सरकार से भी लड़ना पड़ रहा है। अब इस तरह दोहरी मार के किसान अब शिकार हो रहे हैं। श्रीकांत त्रिपाठी ने कहा किसानों ने वोट देकर भाजपा की सरकार को चुनकर खुद अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारी है। किसानों द्वारा चुनी गई यह सरकार अब किसानों के लिए ही भस्मासुर साबित होने लगी है। श्रीकांत त्रिपाठी ने कहा यदि कृषि कानून समय रहते वापस नही किया गया तो आने वाले चुनावों मे भाजपा को किसान सबक जरुर सिखाने का काम करेंगे।

पूर्वांचल नव निर्माण किसान मंच के नेता गिरीश पाण्डेय ने प्रदेश की सरकार तथा प्रदेश की पुलिस पर किसानों की आवाज को दबाने का भी आरोप लगाया। गिरीश पाण्डेय ने कहा कि पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार मंच के केन्द्रीय कार्यालय पर आज दोषपूर्ण कृषि कानून की प्रतियां जलाकर विरोध दर्ज कराना था। लेकिन सुबह से ही भारी पुलिस बल की तैनाती के साथ किसानों को रोकने का प्रयास किया गया। बाद में किसानों ने नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन करके महामहिम राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा। गिरीश पाण्डेय ने कहा सरकार के तानाशाही रवैये का हिसाब-किताब आगामी चुनाव में जरुर करेगें किसान।

प्रदर्शन में शामिल पूर्वांचल नव निर्माण किसान मंच के नेता अभय पटेल ने कहा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर भी सरकार की कथनी-करनी में बड़ा फर्क है। जिन किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य देने का झूठा दावा करती है सरकार वो सिर्फ कागजी है। हकीकत मेंं केन्द्रों पर किसानों का दोहन लगातार किया जा रहा है।

किसान रमाशंकर मौर्या तथा उदय प्रकाश ने गेहूं खरीद में सरकार की उदासीनता की बात कहते हुए बताया कि केन्द्रों पर दलालों का बोलबाला है । ज्यादातर भाजपाई नेता किसान खरीद केन्द्र पर दलाली करके किसानों की गेहूं खरीद प्रभावित कर रहे हैं।

इस दौरान कन्ता, पवन सिंह, रामदेव, प्रबल, संतलाल, सुनील, सूरज, अशोक, सुमित मौर्या, ओमप्रकाश, बेचन, अभियस, राम अवध सहित दर्जनों किसान उपस्थित रहे।



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