जंगली जानवर के आतंक से ग्रामीणों में दहशत, महीने भर में उठा ले गए सात मवेशी

संजय केसरी (संवाददाता)

-जंगली जानवर के आतंक से पूरे टोले में दहशत

-एक तो कोरोना जैसे महामारी की मार, ऊपर से जंगली जानवर की मार से ग्रामीण परेशान

डाला। विकास खण्ड चोपन अन्तर्गत कोटा ग्राम पंचायत के टोला गौराही में जंगली खूंखार जानवर के आतंक से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। लगभग एक महीने में ग्रामीणों का जंगली खूंखार जानवर सात मवेशियों को उठा ले गया ।

कोटा ग्राम पंचायत के टोला गौराही के रहने वाले पीड़ित इंद्रदेव खरवार पुत्र कैलाश खरवार ने बताया कि घर के बाहर उनकी गाय और उसका बछड़ा बकरी बकरा बंधा हुआ था। मंगलवार देर रात जंगली जानवर ने दो बकरें का शिकार बना डाला। दोनों करीब सात आठ माह के बकरों को जंगली जानवर उठा ले गया और एक को खा गए केवल मुंडी बचा था और एक बकरें को जान से मार दिया था। उसने बताया कि हमलोग सोए हुए थे और एक बकरा कब ले गया हमलोग नही जान पाए और जब दूसरे बकरे को ले जा रहा था तभी कुछ आवाज कानों तक आई तो नींद खुल गया, तो देखा कि एक जानवर बकरें को घसीटते हुए पास के बंधे की तरफ ले जा रहा हैं। हमलोग बंधे की तरफ टार्च लेकर दौड़े, वहां पहुंचने से पहले वह जानवर वहां से भाग गया था । उन्होंने बताया कि वहां देखा कि एक बकरें का केवल सिर पड़ा है और उसके धड़ का पता नही हैं । साथ ही एक बकरा मृत पड़ा है । उसे उठाकर हमलोग घर ले आए। उन्होंने बताया कि इस घटना की सूचना क्षेत्र के लेखपाल को दे दी गई हैं क्योंकि एक तो कोरोना जैसी महामारी की मार और ऊपर मवेशियों के नुकसान होना आम गरीबों पर दोहरी मार पड़ा हैं।

वही ग्रामीणों ने बताया कि यह कोई पहली घटना नही हैं । लगभग एक महीने में यह पांचवी घटना है ।लगभग एक महीने पहले प्रीतम सिंह खरवार पुत्र स्व0 रामजियावन खरवार का भी एक बकरा जंगली जानवर उठा ले गया था । उसके कुछ दिनों बाद चरण सिंह खरवार पुत्र स्व0 मनबोध का भी बकरा उठा ले गया और कुछ दिनों बाद ददई खरवार पुत्र स्व0 दादू लाल खरवार का भी एक बकरा उठा ले गया और देवनारायण खरवार पुत्र स्व0 रूचई खरवार का एक बकरा और एक बकरी उठाले गया।

ग्रामीणों ने बताया कि लगभग एक महीने में सात मवेशियों को जंगली खूंखार जानवर उठा ले गया है । उन्होंने यह आशंका जताया कि यह जानवर तेंदुआ हो सकता है । इस तरह की घटना से इस समय पूरे गांव में दहशत भी फैला हुआ है।

इस सम्बंध में डाला वन रेंज के वन क्षेत्राधिकारी राजेश सोनकर ने बताया कि पद चिन्ह के मुताबिक यह तेंदुआ का पद चिन्ह नही है । हड़हा प्रजाति का जानवर के पद चिन्ह लग रहा है। फिर भी मैं उसे दिखवाता हूं कि क्या मामला है।



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