पूर्वांचल पत्रकार एकता समिति ने मनाया पत्रकारिता दिवस

मनोज बर्मा (संवाददाता)

रेनुकूट। हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर पूर्वांचल पत्रकार एकता समिति द्धारा रेनुकूट के पद्मिनी होटल में पत्रकार गोष्ठी का आयोजन किया गया।कार्यक्रम का शुभारम्भ पूर्वांचल पत्रकार एकता समिति के राष्ट्रीय महासचिव विष्णु गुप्ता और जिलाध्यक्ष शेख जलालुद्दीन ने मुख्य अतिथि को माला पहना कर किया।
मुख्य अतिथि विवेक पांडे ने हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर कहा की पत्रकार देश का चौथा स्तम्भ है। अपनी सकारात्मक लेखनी से वह समाज मे हो रहे कार्यो को सबके सामने लाने की भूमिका निभाता है।हिन्दी पत्रकारिता ने बहुत लंबी यात्रा तय कर ली है। आज के दिन हमें आत्ममंथन करने की जरूरत है।उन्होंने कहा कि आज के पत्रकारिता में ईमानदारी, नैतिकता और आदर्श की गिरावट आयी है। जिससे पत्रकारिता भी अछूती नहीं है, ऐसे में आज समस्त समाज को चिंतन करने की जरूरत है।

न्यू साइट के संपादक यस पी पांडे कहां की
पत्रकार के समक्ष आज के दौर में तमाम नई नई चुनौतियाँ उपजी हैं। उनका सामना वह अपने नैतिक मूल्यों के द्वारा कर सकता है। परिवर्तन के इस दौर में ग्रामीण स्तर से यूनिट स्तर तक के पत्रकार आज अपने दायित्वों का बखूबी निर्वहन कर रहे हैं
इससे पहले पत्रकारिता दिवस को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि ललन गुप्ता ने रूपरेखा पर प्रकाश डाला कहा कि पत्रकारिता एक मिशन है समाज हित मे कलम की धार देनी होगी।इसके अलावा वरिष्ठ पत्रकार मस्त राम मिश्रा,विष्णु गुप्ता,शारदा प्रसाद,डॉ अरुण गुप्ता,राजकुमार शर्मा सहित अनेक ने अपना अपना वक्तव्य दिए।कार्यक्रम में अतिथियों को स्मृति चिन्ह भी भेंट किया गया।संचालन कर रहे पूर्वांचल पत्रकार एकता समिति के जिलाध्यक्ष शेख जलालुद्दीन ने विस्तृत रुप से बताते हुए बताया कि हिंदी भाषा में ‘उदन्त मार्तण्ड’ के नाम से पहला समाचार पत्र 30 मई 1826 में निकाला गया था। इसलिए इस दिन को हिंदी पत्रकारिता दिवस के रूप में मनाया जाता है। पंडित जुगल किशोर शुक्ल ने इसे कलकत्ता से एक साप्ताहिक समाचार पत्र के तौर पर शुरू किया था। इसके प्रकाशक और संपादक भी वे खुद थे। इस तरह हिंदी पत्रकारिता की शुरुआत करने वाले पंडित जुगल किशोर शुक्ल का हिंदी पत्रकारिता की जगत में विशेष सम्मान है।

जुगल किशोर शुक्ल वकील भी थे और कानपुर के रहने वाले थे। लेकिन उस समय औपनिवेशिक ब्रिटिश भारत में उन्होंने कलकत्ता को अपनी कर्मस्थली बनाया। परतंत्र भारत में हिंदुस्तानियों के हक की बात करना बहुत बड़ी चुनौती बन चुका था। इसी के लिए उन्होंने कलकत्ता के बड़ा बाजार इलाके में अमर तल्ला लेन, कोलूटोला से साप्ताहिक ‘उदन्त मार्तण्ड’ का प्रकाशन शुरू किया। यह साप्ताहिक अखबार हर हफ्ते मंगलवार को पाठकों तक पहुंचता था।इस दौरान
दुद्धी, म्योरपुर, बभनी, चपकी, चोपन, डाला , राबर्ट्सगंज से आऐ पत्रकारों ने कार्यक्रम को सफल बनाया इस कार्यक्रम में इब्राहिम खा, बी.के आचार्य, मनोज बर्मा, एडोकेट जे पी सिंह, कृष्णा उपाध्याय, धुरेन्द्र तिवारी, राकेश ओझा, डा अरूण गुप्ता, मणिशंकर सिंहा, आशीष श्रीवास्तव, हदृय नारायण श्रीवास्तव, अशोक सिंह, संदीप कुमार, विकास कुमार, शारदा प्रसाद, सहित तमाम पत्रकार गण उपस्थित रहे।



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