अधर में ग्रामीण परिवेश के कक्षा 8 व 10वीं उत्तीर्ण गरीब छात्रों का भविष्य- संतोष पटेल

आनंद कुमार चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र । जहाँ एक ओर पूरा देश डाक्टरों व कोरोना वारियर्स के साथ मिलकर कोविड- 19 की मजबूत लड़ाई पूरी ताकत के साथ लड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर कुछ ऐसे भी बिंदु हैं, जहां जिम्मेदार लोगों की नजर नहीं पड़ पा रही है। ऐसा ही भारत के भविष्य से जुड़ा एक विषय है छात्रों की निर्बाध शिक्षा। किंतु उ0प्र0 शासन की वर्तमान शिक्षा नीति के कारण वर्ष 2019-20 में विशेषतः ग्रामीण परिवेश के कक्षा 8 तथा 10 उत्तीर्ण गरीब छात्रों का भविष्य अंधेरे में जाता हुआ प्रतीत हो रहा है। ऐसे ही ज्वलंत मुद्दे पर आवाज उठाते हुए जनता दल यूनाइटेड के जिलाध्यक्ष संतोष पटेल ने भारत के प्रधानमंत्री व उ0प्र0 के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजते हुए मांग किया है कि 9वीं तथा 11वीं में प्री बोर्ड रजिस्ट्रेशन के बावजूद 2022 में होने वाली बोर्ड परीक्षा में 10वीं व 12वीं के छात्रों को परीक्षा से वंचित न किया जाय।

संतोष पटेल ने प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन के माध्यम से बताया कि वर्ष 2019-20 में कक्षा 8 तथा 10 उत्तीर्ण ग्रामीण परिवेश के विशेषतः गरीब छात्रों का भविष्य अंधकारमय होता दिख रहा है। सैद्धांतिक तौर पर शासन के आदेश पर शिक्षा अधिकारियों ने तमाम प्रयास किए हैं कि कक्षा 8 तथा 10 पास छात्र अगली कक्षा में प्रवेश ले लें। किंतु कोविड-19 की तमाम सख्तियों के बीच स्कूल फीस बचाने एवं शैक्षिक जागरूकता की कमी व गरीबी का ऐसा प्रभाव पड़ा कि तमाम छात्रों ने अगली कक्षा 9 तथा 11 में प्रवेश ही नहीं लिया है। जिसके चलते उक्त छात्रों का प्री बोर्ड रजिस्ट्रेशन ही नहीं हो सका है। वर्तमान शिक्षा व्यवस्थानुसार प्री बोर्ड रजिस्ट्रेशन से वंचित छात्रों का बोर्ड का फार्म ही नहीं भरा जा सकेगा। ऐसे में उक्त छात्र आगामी स्कूली शिक्षा से वंचित होने की कगार पर खड़े हैं।

संतोष पटेल ने प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री से मांग की है कि उ0प्र0 में वर्ष 2019-20 में कक्षा 8 तथा 10 उत्तीर्ण छात्रों को कक्षा 9 तथा 11 में होने वाले प्री बोर्ड रजिस्ट्रेशन के अभाव में भी वर्ष 2022 में होने वाली कक्षा 10 तथा 12 की बोर्ड परीक्षा में उक्त छात्रों को भी शामिल किए जाने का आदेश पारित किया जाना छात्रहित में अत्यंत ही आवश्यक है। निश्चित रूप से श्री पटेल की मांग छात्रहित में शासन द्वारा मान ली गयी तो प्रदेश के हजारों छात्रों का जीवन शिक्षारूपी दीप से प्रज्ज्वलित होना न केवल सुनिश्चित हो सकेगा, अपितु इन्हीं छात्रों में से कुछ छात्र भारत के उज्ज्वल भविष्य के निर्माता भी बन जांय तो इस संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल उक्त सारी बातें उ0प्र0 शासन के निर्णयाधीन भविष्य के गर्भ में निहित हैं।



अपने शहर के एप को डाउनलोड करने के लिए क्लिक करे |  हमें फेसबुक,  ट्विटर,  और यूट्यूब पर फॉलो करें|
loading...
Back to top button
error: Content is protected !!