किसानों का आरोप, गेहूं क्रय केंद्रों पर किसानों का कम आढ़तियों का ज्यादा तोला जा रहा है गेहूं

गौरव पाण्डेय (संवाददाता)

फरीदपुर तहसील के राष्ट्रीय राजमार्ग हरियाली किसान बाजार किसान क्रय केंद्र है तथा एक तरफ देश में फैली कोरोना जैसी इस घातक महामारी ने समूचे जनमानस को झकझोर दिया है। सरकार से लेकर सारे जनमानस को इस महामारी ने भयभीत कर के रख दिया है। गरीबों मजदूरों किसानों के सामने आर्थिक संकट मुंह बाये खड़ा हो गया है। इस संकट की घड़ी में भी किसानों का शोषण होना बंद नहीं हुआ है। इस संकट की घड़ी का भरपूर फायदा बिचौलिए उठा रहे हैं। फरीदपुर नगर में राष्ट्रीय राजमार्ग पर हरियाली बाजार में बंद पड़ी बिल्डिंग में खाद्य विभाग के तीन गेहूं क्रय केंद्र प्रथम, द्वितीय व तृतीय खोले गए हैं। मगर इन गेहूं क्रय केंद्रों पर तैनात केंद्र प्रभारियों की मनमानी एवं दबंगई के चलते किसानों का गेहूं कम ही तोला जा रहा है। और आढ़तियों का गेहूं चोरी छुपे खरीदा जा रहा है। जिससे क्षेत्र का किसान गेहूं क्रय केंद्रों पर ना जाकर आढ़तियों के हाथों अपना गेहूं बेचने को मजबूर है। सरकार द्वारा किसानों के हित में समय-समय पर नई नई योजनाएं चलाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास कर रही है। किसानों को उनकी फसल का वाजिब दाम मिल सके उसके लिए सरकार क्रय केंद्र खोलती है। मगर इन क्रय केंद्रों पर भी किसानों को फसल कम ही खरीदी जाती है। और बिचौलिया ज्यादा हावी रहते हैं ।क्रय केंद्रों पर किसानों की फसल खरीदते समय नियमों और मानकों का पाठ पढ़ाया जाता है। वही बिचौलियों के आगे सब कुछ ठीक नजर आता है। यह आलम है सरकारी क्रय केंद्रों का। फरीदपुर नगर क्षेत्र के ग्रामों के किसानों की गेहूं की फसल को खरीदने के लिए प्रशासन द्वारा 3 गेहूं क्रय केंद्र खोले गए थे जो हरियाली बाजार में हैं। जिन सेंटरों पर किसानों से जानकारी करने पर पता चला कि 1 किलो प्रति कुंटल करदा काटा जाता है। और ₹125 प्रति कुंतल खर्चा लिया जाता है तब जाकर गेहूं तौला जा रहा है। वहीं सूत्रों द्वारा यह भी जानकारी मिली है कि इन सेंटरों पर सेंटर इंचार्ज की सांठगांठ से आढ़तियों का गेहूं चोरी-छिपे खरीदा जा रहा है। रात्रि में डंपरो, ट्रैक्टर ट्रालीयो मे जूट के कट्टों में 60 किलो की पैकिंग होकर आता है। और पलटी कर दिया जाता है और खरीद किसानों के नाम दिखा दी जाती है। क्षेत्र का किसान आज भी अपने हक से वंचित रह जा रहा है। और अधिकारी कर्मचारी बिचौलिए ही हमेशा इसका फायदा उठाते चले आ रहे हैं ।यही आढतीयां किसानों का गेहूं 15 सौ से16 सो रुपए प्रति कुंतल खरीद कर क्रय केंद्रों पर सांठगांठ कर बेच देते हैं। और मोटी कमाई कर रहे हैं। लूट रहा है तो हमारे देश का अन्नदाता।



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