गांव की सरकार बनने के बाद बहेगी विकास की बयार

संजीव कुमार पांडेय (संवाददाता)

राजगढ़ । गांव की सरकार बनने के बाद ग्राम पंचायतों में विकास की बयार बहेगी। नवनिर्वाचित प्रधानों को कोविड 19 के बढ़ते संक्रमण से बचाव के साथ ही गांव के विकास के लिए धनराशि की कमी नहीं होने पाएगी। जिले में शासन पिछले और वर्तमान वित्तीय वर्ष को मिलाकर अबतक लगभग 89.4 करोड़ रुपया जारी कर चुका है। इसका लाभ गांवों के विकास में नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों को होगा।

आचार संहिता और कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण के चलते पिछली ग्राम पंचायतें 85.7 करोड़ रुपया खर्च नहीं कर पाईं। इसमें से चुनाव के पहले तक ग्राम पंचायतों ने महज 3.97 करोड़ रुपया ही खर्च किया है। इसका लाभ नवनिर्वाचित ग्राम पंचायतों के प्रधानों को होगा। नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान सुनियोजित तरीके से गांव का विकास कर सकेंगे। शासन-प्रशासन द्वारा गांवों में केंद्रीय आयोग और राज्य वित्त आयोग के माध्यम से पंचायतों को सीधे खाते में धनराशि आवंटित किया जाता है। प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी सचिव संयुक्त रूप से डोंगल के माध्यम से विकास कार्य पर धनराशि खर्च करते हैं। पिछले वित्तीय वर्ष तक और वर्तमान वित्तीय वर्ष 2020-21 में अब तक केंद्रीय आयोग निधि में शासन ने 5727.63 लाख रुपये की धनराशि आई है। इसमें से अभी भी 5671.28 लाख रुपये अवशेष बचे हुए हैं। वहीं राज्य वित्त निधि से 3176.67 लाख रुपये की भारी भरकम धनराशि शासन ने जारी किया है, इसमें से अभी भी ग्राम पंचायतों में 2835.81 लाख रुपये की धनराशि बची हुई है। दोनों निधियों की धनराशि को मिलाकर महज 397.21 लाख की धनराशि ही खर्च हो सकी है।

वर्जन –

शासन द्वारा ग्राम पंचायतों में विकास के लिए 89 करोड़ 04 लाख रुपया जारी किया गया है। लगभग 85 करोड़ सात लाख रुपया अवशेष है। इससे नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों के शपथ लेने के बाद से गांवों में विकास कार्य में प्रगति आएगी।

– अरविद कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी।



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