आजादी के बाद सामान्य महिला सीट पर पहली बार दलित महिला बनी प्रधान

राजेश पाठक (संवाददाता)

– निर्भय के 30 साल का संघर्ष लाया रंग, पत्नी बनी प्रधान

– 30 साल से हर बार लड़ते रहे प्रधानी का चुनाव, मिलती रही हार

– चोपन ब्लॉक के ग्राम पंचायत नेवारी पंचायत चुनाव का हाल

सोनभद्र। जैसा नाम वैसा ही काम करके निर्भय ने सामान्य महिला सीट पर आजादी के बाद पहली बार अपनी पत्नी बुड़ुकी को ग्राम प्रधान बनाकर हौसला बढ़ाया है। करीब 30 वर्षों से लगातार हर बार चुनाव लड़ने के बाद हार का सामना करने के बाद भी निर्भय ने संघर्ष नहीं छोड़ा।
बता दें कि चोपन ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत नेवारी में आजादी के बाद से सिर्फ एक बार ब्राह्मण विरादरी के अलावा अब तक सिर्फ बैसवार विरादरी का ही प्रधान चुना जाता रहा। ब्राह्मण विरादरी के कुडारी गांव निवासी लोकपति त्रिपाठी जब वर्ष 2011 में कुडारी गांव भी ग्राम पंचायत नेवारी में शामिल था तो ग्राम प्रधान चुने गए थे। इसके पहले बैसवार विरादरी के तीन पंचवर्षीय जुगुल सिंह व उनकी पत्नी सरस्वती देवी निवर्तमान में भी प्रधान रहे। इसके पहले बैसवार विरादरी के ही गोरख नाथ सिंह प्रधान रहे। अबकी बार जुगुल सिंह ने अपनी बहू रीना देवी को चुनाव लड़ाया था, जिसे हार मिली। अबकी बार कुल नौ महिला प्रत्याशी चुनाव लड़ी थी। जिसमें चार ब्राह्मण, तीन बैसवार व दो हरिजन विरादरी की रही। कुल 2187 मत पड़े थे, जिसमें 233 मत रिजेक्ट हो गए। कुल पांच राउंड की गणना हुई। पहले राउंड में ब्राह्मण विरादरी की अनीता ने सबसे अधिक 148 मत पाकर बढ़त बनाई। दूसरे नम्बर पर बैसवार विरादरी की रीना देवी को 119 मत मिला। हरिजन विरादरी की बुड़ुकी को छठवां स्थान मिला। उसे सिर्फ 34 मत मिले थे। दूसरे राउंड में बैसवार विरादरी की रीना देवी को 122 मत, हरिजन विरादरी की बुड़ुकी को 76 मत व ब्राह्मण विरादरी की अनीता को 39 मत मिले। तीसरे राउंड में बुड़ुकी को 147 मत, अनीता को 80 मत व रीना देवी को 75 मत मिला। चौथे राउंड में बुड़ुकी को 159 मत, अनीता को 39 मत व रीना देवी को 33 मत मिले। तीसरे राउंड से जो बुड़ुकी ने बढ़त बनाई अंतिम राउंड तक बरकरार रही। पांचवें एवं अंतिम राउंड में बुड़ुकी को 51 मत, अनीता को 45 मत व रीना देवी को 34 मत मिले। इस प्रकार से बुड़ुकी को कुल 467 मत मिले, जबकि रीना देवी को 388 मत मिला। इस प्रकार से बुड़ुकी 85 मतों से विजयी घोषित हुई। अनीता को 351 मत से संतोष करना पड़ा। वहीं आशा 36 मत, किरन 230 मत, चिंता 57 मत, गौरा देवी 76 मत, विद्यावती 208 मत व सावित्री को 47 मत मिला।

नेवारी का कोई ब्राह्मण नहीं बन पाया प्रधान

चोपन ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत नेवारी में अगर देखा जाए तो ब्राह्मण, बैसवार एवं हरिजन विरादरी के लोगों की जनसंख्या लगभग बराबर है। शेष में अन्य विरादरी के लोग शामिल हैं। बावजूद इसके ब्राह्मण आज तक प्रधान नहीं चुना जा सका। इसके पीछे प्रमुख वजह आपसी एकता का न होना है। यहीं हाल हरिजन विरादरी का भी होता रहा, लेकिन अबकी बार सूझ-बूझ का परिचय देते हुए विजय हासिल किया है।



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