चोपन बैरियर पर चल रहे रासलीला देख दर्शक हुए भावविभोर

घनश्याम पाण्डेय/विनीत शर्मा (संवाददाता)

चोपन। स्थानीय नगर के चोपन बैरियर पर चल रहे रासलीला के पाचवें दिन भगवान भोले शंकर का अपमान का बदला लेने के लिए भगवान द्वारा उत्पन्न जालंधर सबसे पहले भगवान भोले शंकर से उनकी त्रिशूल लेके इन्द्र से युद्ध करने के लिए जाता है तो रास्ते में नारद जी मिलते हैं और जालंधर नारद जी को अपना गुरु बना लेता है और अपने गुरु के आदेश पर ब्रम्हा जी से ब्रम्ह शक्ति और भगवान विष्णु से सुदर्शन चक्र लेकर इन्द्र से युद्ध के लिए रवाना हो गया सभी देवताओं से युध्द करने के उपरांत जब जालंधर थक गया तो राजकुमारी वृन्दा के वन में विश्राम के लिए रुक जाता है। वहीं राजकुमारी वृन्दा का यह प्रण कर रखा था कि जिस भी पुरूष को सर्वप्रथम अपने बगीचे में देखुगी उसी व्यक्ति से अपना व्याह करूगी। विवाह के उपरान्त वृन्दा ने अपने पति जालंधर को सत्वत का माला पहनाती है और कहती हैं कि जिस दिन मेरा पतिव्रत धर्म भ्रष्ट होगा उस दिन आप के गले से यह माला टूट जायेगी उस दिन आप की मृत्यु हो जायेगी तो भगवान विष्णु ने छल से जालंधर का रूप धारण कर वृन्दा का पतिव्रत धर्म को भ्रष्ट कर देते हैं और वृन्दा को जब अभास होता है तो वृन्दा भगवान विष्णु को श्राप दे देती है कि आप पत्थर के बन जाओ तो विष्णु जी के पत्थर बनते ही नारद जी कहते कि आप पत्थर तो होगे लेकिन शालिग्राम के रुप में और वृन्दा तुलसी के रूप में रहेगी और जब तक भगवान शालिग्राम के ऊपर तुलसी का भोग नहीं लगाया जायेगा जब तक भगवान की पूजा सफल नहीं होगी।

इस अवसर पर, राजेश साहनी, पवन अग्रवाल, राकेश मोदनवाल ,प्रदीप अग्रवाल,अजय सिंह, रामसुन्दर, विमल साह ,महेन्द्र केशरी, सुरेश जायसवाल, विकाश चौबे, दीपक साहनी, कैलाश, नागेश्वर, सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन स्वामी दाऊ दयाल उपाध्याय ने किया।



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