सभी विभाग मिलकर दस्तक अभियान को सफल बनाएं : डीएम

आनंद कुमार चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र । ऐसी बीमारी, जो किसी माध्यम से एक बीमार इंसान के बदन से किसी तंदरूस्त इंसान के बदन तक पहुंचती है, वह संचारी बीमारी होती है। प्रदेश सरकार द्वारा संचारी रोग के रोक-थाम के लिए 01 मार्च से 31 मार्च तक संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान तथा दिमागी बुखार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सहयोगी विभागीयों से समन्वय स्थापित करते हुए अभियान को सफल बनायें।

उक्त बातें जिलाधिकारी अभिषेक सिंह ने प्रथम संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान के जिला स्तरीय अन्तर्विभागीय समन्वय बैठक में कही। जिलाधिकारी ने बताया कि संचारी रोगों तथा दिमांग बुखार पर प्रभावी नियंत्रण तथा उनका त्वरित व सही उपचार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से हैं। वर्ष- 2020 में मार्च, जुलाई एवं अक्टूबर महीने में विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियानों का आयोजन किया गया था। साथ ही कोविड-19 से बचाव के बारे में भी जागरूक किया गया था। इस साल वर्ष-2021 में संचारी रोगों के रोक-थाम और प्रभावी उपाय अपनाते हुए व्यापक अभियान चलाया जाना है, जो 01 मार्च से 31 मार्च तक चलेगा। जनपद स्तरीय टास्कफोर्स की बैठक की जा रही है, इसके बाद ब्लाक स्तरीय बैठक होगी। ब्लाक स्तर पर नोडल अध्यापकों के संवेदीकरण का काम 25 फरवरी, 2021 तक पूरा किया जायेगा। स्थानीय निकायों व ब्लाक स्तरों पर भी 25 फरवरी 2021 तक संवेदीकरण का कार्य किया जायेगा। 1 से 8 मार्च, 2021 तक ब्लाक स्तरीय चिकित्सालयों पर आशा एवं एएएनएम व आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का संवेदीकरण होगा। जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद स्वास्थ्य विभाग के साथ ही सहयोगी विभागों जैसे-शिक्षा, नगर निकाय, बाल विकास, दिव्यांगजन विकास विभाग, सिंचाई, कृषि व सूचना विभाग, पंचायती राज, ग्राम्य विकास, पशु पालन, उद्यान के अधिकारियों को दायित्वबोध कराते हुए संचारी रोग नियंत्रण अभियान के प्रथम चरण को कामयाब बनाने की नसीहत दी।

जिलाधिकारी ने कहा कि बेहतर कार्ययोजनाएं बनाकर 23 फरवरी तक नोडल विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य को उपलब्ध करा दिया जाय। कार्यों की मानीटरिंग के पारदर्शी सिस्टम के लिए गूगलशीट बनायी जाय। कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जाय, अभियान के दौरा आयुष्मान भारत के गोल्डेन कार्डों की संख्या बढ़ायी जाय, आयुष्मान भारत के नोडल अधिकारी अपने कार्यों में सुधार लाते हुए तत्काल सभी जानकारिया प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों के माध्यम से आशा एवं एएनएम को उपलब्ध करायें। क्षेत्रीय भ्रमण व मुआयना के दौरान आंगनबाड़ी व आशा को आयुष्मान भारत के बारे में पूरी जानकारी न होने पर जिम्मेदारी तय की जायेगी। उन्होंने कहा कि स्कूल, स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत चयनित जिले के 732 स्कूलों के अध्यापकों को ब्राण्ड अम्बेस्डर बनाने के लिए प्रत्येक स्कूलों से एक पुरूष व एक महिला का नाम प्रशिक्षण हेतु प्राप्त किया जाय और चयनित स्कूलों के प्रशिक्षित दोनों टीचरों को ब्राण्ड अम्बेस्डर के रूप में बच्चों को जागरूक करने के लिए व्यवस्था सुनिश्चित की जाय। उन्होंने कहा कि स्कूलों में बच्चों को नियमित रूप से आयरन की गोली व जरूरत के मुताबिक कीड़े मारने की गोली एल्बेण्डाजॉल भी दिया जाय। उन्होंने कहा कि बच्चों में संचारी रोगों के प्रति जागरूकता के लिए प्रार्थना सभा के समय पर्याप्त जानकारी दी जाय। जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 नेम सिंह को सहेजते हुए कहा कि अभियान को सफल बनाने के लिए सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित करायी जाय।

इस मौके पर जिलाधिकारी अभिषेक सिंह के अलावा मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 नेम सिंह, जिला विकास अधिकारी रामबाबू त्रिपाठी, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 सलिल श्रीवास्तव सहित अन्य सम्बन्धितगण मौजूद रहे।



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