रासलीला का तीसरा दिन: कालीदह में कुदे भगवान श्रीकृष्ण….

घनश्याम पांडे/विनीत शर्मा (संवाददाता)

चोपन। स्थानीय नगर के चोपन बैरियर पर चल रहे रासलीला के तीसरे दिन कंश का दरबार लगता है।दरबार में सभी मंत्री सामंत उपस्थित थे कंश अपने सभी मंत्रियों से भगवान श्रीकृष्ण को मारने के उपाय के बारे में पुछ रहा था तभी दरबार में मौजूद उसके एक चतुर मंत्री ने कंश से कहता है कि आप अपने गुरु को याद करें हो सकता गुरु जी कोई ऐसा उपाय बता दें जिससे श्री कृष्ण का बध हो सकें इसके बाद कंश अपने गुरु नारद को याद करता है देव ऋषि नारद आ जाते हैं तो और उपाय बताते हैं कि यमुना में एक सर्प जो बहुत ही विषैला है उसका नाम कालिया सर्प है यमुना दह में से नील कमल के फूल मगवाओ तो राजा कंश कहता है कि मेरा इन फुलो से क्या लाभ होगा तो नारद कहते हैं कि राजन आप नहीं समझ रहे हैं। इससे सांप भी मर जायेगा और लाठी भी नहीं तुटेगी। तो कंश ने वृन्दावन एक पत्र भिजवाता है जिसमें लिखा था भगवान की पूजन के लिए कल नीलकमल को लेकर आना है। अगर ऐसा नहीं किया जाता तो नन्दबाबा को बंदी वनाकर बंदीगृह में डाल दिया जायेगा। जब इस बात की जानकारी भगवान श्रीकृष्ण को होती है तो वह मुस्कराने लगते हैं भगवान श्रीकृष्ण गेंद खेलने के बहाने काली दह में कुद जाते हैं। और कलिया नाग को नाथ कर बाहर ले आते हैं। तो कलिया नाग प्रभु से कहता है कि मेरे लिए क्या आदेश है तो भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं कि कंश नगरी में एक लाख नीलकमल के फूल भीजवा दो। तो कलिया नाग कहता है प्रभु आपका का वाहन गरूण हम पर वार करेगा। तो भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं कि नथईया करने से तुम्हारे उपर मेरे पद चिन्ह बन गये हैं अब गरुण कुछ नहीं करेगा। इस तरह से जमुना कलिया नाग से मुक्त हो जाती है। इस अवसर पर समाजसेवी प्रदीप अग्रवाल ,महानन्द पाण्डेय ,विजयानन्द तिवारी, संतोष गुप्ता , अधिवक्ता राजेश साहनी , पवन अग्रवाल, रामसुन्दर, विमल साह , अजय सिंह, राकेश मोदनवाल, महेन्द्र केशरी, नागेश्वर, सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।कार्यक्रम का संचालन स्वामी दाऊ दयाल उपाध्याय ने किया।



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