छुट्टा आवारों पशुओं से राहगीर परेशान

फ़ैयाज़ खान मिस्बाही (ब्यूरो)

गाजीपुर।नगर के चौराहा सहित सड़के व किसानों के खेत हीं निराश्रित पशुओं के रहने का ठिकाना हो गया है।सड़कों पर निराश्रित पशुओं के रहने के कारण राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। शासन के निर्देश पर निराश्रित पशुओं को रखने के लिए पशु विभाग की ओर से गो आश्रय केंद्र बनाए गए है लेकिन विभाग की ओर से सड़कों पर घूम रहे पशुओं को विभाग की ओर से केंद्रों पर नहीं भेजवाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री की सर्वोच्च प्राथमिकता के बावजूद जनपद में गोवंश खुले घूम रहे हैं। हालांकि संबंधित विभागों के अधिकारी सभी निराश्रित गोवंश को आश्रय स्थलों तक पहुंचाने का दावा कर रहे हैं।लेकिन किसानों के खेत हों या गांवों और कसबों की सड़क हो। सभी स्थानों पर बेसहारा गोवंश घूमते और क्षति पहुंचाते देखे जा सकते हैं।पशुपालन विभाग के कंधों पर गो आश्रय केद्रों के संचालन, वहां पशुओं के भरण पोषण के लिए राशि उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी है।जनपद में 28 गो आश्रय केंद्र है।जिसमें 26 अस्थाई गो आश्रय केंद्र है। जबकि दो वृहद गो आश्रय केंद्र है।इन केंद्रों पर 2742 निराश्रित पशु रखे गए है।पशु अस्थाई गो आश्रय केंद्रों से भागकर सड़कों पर आ जाते है।केंद्रों पर चारा नहीं मिलता है,जिसके कारण निराश्रित पशु सड़कों पर ठेला व दुकानों पर मुहमारते फिरते है। जबकि शासन से इन पशुओं को रहने सहित चारा की व्यवस्था करने के लिए विभाग की ओर से बजट प्रति माह आता है। इसके बावजूद निराश्रित पशु सड़कों पर घूमते नजर आते है।इन पशुओं के कारण राहगीरों सहित वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ता



अपने शहर के एप को डाउनलोड करने के लिए क्लिक करे |  हमें फेसबुक,  ट्विटर,  और यूट्यूब पर फॉलो करें|
loading...
Back to top button
error: Content is protected !!