मल्लिकार्जुन खड़गे बने राज्यसभा में विपक्ष के नेता

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे राज्यसभा में विपक्ष के नेता बन गए हैं । राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने खड़गे को राज्यसभा में विपक्ष के नेता के रूप में मान्यता दे दी है । पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद अब तक उच्च सदन में विपक्ष के नेता थे, लेकिन उनका कार्यकाल 15 फरवरी को खत्म हो गया ।

आजाद के रिटायर होने के बाद कांग्रेस ने संसद के उच्च सदन में उनकी जगह अपने एक अन्य वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे को राज्यसभा में विपक्ष का नेता बनाने का फैसला किया, और इसके बाद पार्टी ने राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू को खड़गे को राज्यसभा नेता बनाने की सूचना भी दे दी थी । अब राज्यसभा की ओर से इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी हो गया है।

राज्यसभा की ओर से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार खड़गे आज मंगलवार से राज्यसभा में विपक्ष के नेता होंगे ।न

कांग्रेस के वरिष्ठ और दक्षिण के कद्दावर नेताओं में शुमार किए जाने वाले मल्लिकार्जुन खड़गे साल 2019 में लोकसभा चुनाव हार गए थे, जिसके बाद उन्हें पिछले साल राज्यसभा में सदस्य के तौर पर लाया गया । पिछली लोकसभा में कांग्रेस के संसदीय दल के नेता रहे खड़गे को अब राज्यसभा में कांग्रेस ने गुलाम नबी आजाद की जगह पर सदन में विपक्ष का नेता बनाने का फैसला किया ।

पूर्व रेल, श्रम और रोजगार मंत्री खड़गे 2014 से 2019 के बीच लोकसभा में कांग्रेस के संसदीय दल के नेता की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं ।

मल्लिकार्जुन खड़गे का जन्म 21 जुलाई 1942 को बिदर जिले में हुआ था. उनकी पढ़ाई-लिखाई गुलबर्गा में हुई । उन्होंने वकालत की डिग्री हासिल की । उन्होंने छात्र जीवन से ही राजनीति में कदम रखा और संघर्ष करके एक ऊंचा मुकाम हासिल किया ।

खड़गे 1969 में कांग्रेस में शामिल हुए । पहले वह गुलबर्गा में कांग्रेस शहर अध्यक्ष बने । इसके बाद 1972 में पहली बार विधायक बने। फिर 2008 तक लगातार वे 9 बार विधायक चुने जाते रहे ।इसके बाद वह लगातार दो बार 2009 और 2014 में सांसद बने। खड़गे अपने राजनीतिक करियर में 9 बार विधायक और 2 बार सांसद रहे ।



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