जिले में सुस्त पड़ी गोल्डेन कार्ड बनाने की रफ्तार, घटी रैकिंग

आनंद कुमार चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र । आयुष्मान भारत योजना के तहत चिन्हित लाभार्थियों का गोल्डन कार्ड बनाने की रफ्तार जिले में बेहद सुस्त है। इस कारण प्रदेश के अति पिछड़े आठ जिलों में जिले की रैकिंग खिसककर पांचवें पायदान पर पहुंच गई है। वहीं बलरामपुर पहले, श्रावस्ती दूसरे, चित्रकूट तीसरे तथा बहराइच चौथे पायदान पर हैं। इसके पहले चार व 30 जनवरी को शासन से आई रिपोर्ट में जनपद चौथे पायदान पर था।

गरीबों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के लिए भारत सरकार की ओर से संचालित आयुष्मान भारत योजना के तहत पांच लाख रुपये तक का इलाज कराने की व्यवस्था है। इसके लिए वर्ष 2011 की बीपीएल सूची में दर्ज परिवारों को ही पात्र माना गया है। जिले में कुल 1,81,835 परिवारों व 9,09,175 व्यक्तियों का गोल्डन कार्ड बनाने का लक्ष्य है। जिसके सापेक्ष 1,68,583 व्यक्तियों का ही कार्ड बन सका है।

स्वास्थ्य विभाग की तमाम कवायद के बावजूद अब तक जिले में महज एक लाख 33 हजार 443 का ही गोल्डन कार्ड बन सका है। कोविड-19 के चलते जिले में मार्च माह के अंतिम सप्ताह से कार्ड बनाने की प्रक्रिया ठप हो गई थी। कोविड-19 की रफ्तार जिले में सुस्त होने के बाद अब दोबारा इसकी कवायद शुरू कर दी गई है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 नेम सिंह के मुताबिक “गोल्डन कार्ड बनने की रफ्तार को गति देने के लिए 12 फरवरी से 233 ग्राम पंचायतों में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर कार्ड बनाए जा रहे हैं। यहां पात्र व्यक्ति कार्ड बनवाने पहुंच भी रहे हैं। एक माह में जनपद की स्थिति में काफी सुधार हो जाएगा।”



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