गायत्री शक्ति पीठ ने विभिन्न संस्कार कराया सम्पन्न

अनिता अग्रहरि (संवाददाता)

धीना। गायत्री शक्तिपीठ बहेरी के प्रांगण मंगलवार को मुंडन, अन्नप्राशन, विद्यारंभ आदि विभिन्न संस्कार संपन्न हुआ। कार्यक्रम को सुमन उपाध्याय व कांति उपाध्याय ने पूर्ण कराया। इस मौके पर सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
मुख्य ट्रस्टी बृजराज चौबे ने कहा कि बसंत पंचमी का हिन्दू धर्म में खास महत्व है। इस दिन ज्ञान, बुद्धि, वाणी और कला की देवी मां सरस्वती की पूजा की जाती है। बसंत पंचमी विद्या की देवी माँ सरस्वती के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। इसके अलावा गायत्री परिवार में बसंत पर्व का अलग महत्व है। क्योंकि माँ गायत्री को घर घर में स्थापित करने वाले पंडित श्री राम शर्मा आचार्य का आध्यात्मिक जन्मदिन है। पंद्रह वर्ष की आयु में वसंत पंचमी की बेला में सन् 1926 में पं• श्री राम शर्मा आचार्य के घर की पूजास्थली में, जो उनकी नियमित उपासना का तब से आधार थी। जब से पंडित मदनमोहन मालवीय जी ने उन्हें काशी में गायत्री मंत्र की दीक्षा दी थी। अदृश्य छायाधारी सूक्ष्म रूप में वहीं उनकी गुरुसत्ता का आगमन हुआ।कार्यक्रम में बहेरी, असवरिया, कमालपुर, सिलौटा, एवती, बभनियांव आदि गाँवों के सैकड़ों परिजनों ने यज्ञ में भाग लिया। इस अवसर पर डा० विनोद, डॉ वेद व्यास राय, राधेश्याम सेठ, रामप्रसाद विश्वकर्मा, प्रबुद्ध सिंह, नंदकिशोर कुशवाहा, हेमा, सुरेन्द्र जायसवाल, श्रवण यादव आदि रहे।



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