शर्मनाक : जिला अस्पताल गेट पर एंबुलेंस के इंतजार में स्ट्रेचर पर एक घंटे तड़पती रही मरीज

आनंद कुमार चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र । यूपी सरकार बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराये जाने के चाहें जितने भी दावे कर ले पर हकीकत कुछ और ही है। ताजा मामला जिला मुख्यालय स्थित जिला संयुक्त अस्पताल के गेट का है, जहाँ एक बार फिर स्वास्थ्य सेवा का असल चेहरा सामने आया है। विज्ञापनों में तत्पर दिखने वाली 108 एंबुलेंस सेवा की जमीनी हकीकत की तस्वीर आज उस वक्त देखने को मिली जब जिले के एकमात्र जिला अस्पताल के गेट पर एक मरीज एम्बुलेंस के इंताजर में स्ट्रेचर पर एक घण्टे तक तड़पती रही।

जानकरी के अनुसार आज सुबह ओबरा निवासी रीना गुप्ता को परिजनों ने हैवी ब्लीडिंग के कारण जिला अस्पताल ले आये, जहाँ डॉक्टरों ने रीना की हालात देखते हुए बेहतर उपचार के लिए वाराणसी के लिए रेफर कर दिया। परिजनों ने तत्काल 108 नं0 एम्बुलेंस सेवा के लिए फोन किया लेकिन एक घंटे बीत जाने के बाद भी एम्बुलेंस नहीं आयी। तब तक परीजन मरीज को स्ट्रेचर पर लिटाकर जिला अस्पताल के गेट पर इंतजार करते रहे। इस दौरान जिला अस्पताल में तैनात नर्स लगातार मरीज के पास ही खड़ी होकर निगरानी करती रही। वहीं एक घंटे बाद जब एम्बुलेंस पहुँची तब कहीं जाकर परिजन मरीज को लेकर वाराणसी के लिए रवाना हो सके।

बहरहाल जिले में एम्बुलेंस समय से नहीं मिलने का यह कोई पहला मामला नहीं है, आये दिन इस तरह की घटनाएँ सामने आती रहती हैं लेकिन विभागीय उदासीनता के चलते इस पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं हो पाती। वहीं इस प्रकार की घटनाएं अधिकारियों द्वारा जिले के स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का दावे की पोल भी खोल देती हैं।



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