वसंत पंचमी पर ग्रहों का योग हैं फलदायी, विधि विधान से करें पूजा

वसंत पंचमी का पावन पर्व 16 फरवरी 2021, मंगलवार को बड़े ही श्रद्धा, उल्लास से मनाया जाएगा। इस दिन माघ मास का चौथा प्रमुख स्नान पर्व भी है। इस अवसर पर संगम में लाखों श्रद्धालु ब्रह्ममुहूर्त से आस्था की डुबकी लगाएंगे। इस अवसर पर विधिविधान से मां सरस्वती का पूजन -अर्चन किया जाएगा।

उत्थान ज्योतिष संस्थान के निदेशक ज्योतिर्विद पं. दिवाकर त्रिपाठी पूर्वांचली के अनुसार पंचमी तिथि 15 फरवरी, सोमवार रात 2:45 बजे शुरू हो जाएगी, जो मंगलवार रात 4:34 बजे तक रहेगी। रेवती नक्षत्र सूर्योदय से रात में 8:07 बजे तक रहेगा।

ग्रहों का योग फलदायी:
वसंत पंचमी पर बुध, गुरु, शुक्र व शनि चार ग्रह शनि की राशि मकर में चतुष्ग्रही योग का निर्माण कर रहे हैं। मंगल अपनी राशि में विद्यमान रहकर इस दिन के महात्म्य में वृद्धि करने करेगा।
सरस्वती पूजन का शुभ मुहूर्त
सरस्वती पूजन का शुभ मुहूर्त दोपहर 11:30 से 12:30 तक रहेगा। विद्यार्थियों को मां सरस्वती की आराधना अधिक फलदाई रहेगी।

बसंत पंचमी पूजा विधि:
1. मां सरस्वती की प्रतिमा या मूर्ति को पीले रंग के वस्त्र अर्पित करें।
2. अब रोली, चंदन, हल्दी, केसर, चंदन, पीले या सफेद रंग के पुष्प, पीली मिठाई और अक्षत अर्पित करें।
3. अब पूजा के स्थान पर वाद्य यंत्र और किताबों को अर्पित करें।
4. मां सरस्वती की वंदना का पाठ करें
5. विद्यार्थी चाहें तो इस दिन मां सरस्वती के लिए व्रत भी रख सकते हैं।



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