उपक्रम एजुकेशनल फाउंडेशन ने मनाई तीसरी वर्षगांठ

संजय केसरी/अंकित कुमार (संवाददाता)

डाला। स्थानीय अचलेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में देर शाम तक चले प्रोग्राम में उपक्रम एजुकेशनल फाउंडेशन ने 14 फरवरी को तीसरी वर्षगांठ मनाई।

इस अवसर पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसके अंतर्गत ‘कोरोना महामारी के बाद ग्रामीण शिक्षा की चुनौतियां एवं समाधान’ विषय पर चर्चा हुई। कार्यक्रम के आरंभ में संस्था के सह-संस्थापक निखिल शेट्टी ने उपक्रम की यात्रा के बारे में बताया। कोरोना के दौरान जब स्कूल बंद थे तब संस्था ने ग्राम पंचायत कोटा के परासपानी और पनारी के साढ़े चार सौ बच्चों को लर्निंग वर्कबुक के माध्यम से शिक्षा से जोड़े रखा। मुख्य अतिथि एवं वक्ता फॉर एस होमयोपेथिक फार्मेसी कॉलेज के संस्थापक जे. एन. तिवारी ने क्षेत्र में शिक्षा को लेकर जारूकता की कमी को बताया। उन्होंने कहा कि आगे चलकर बहुत बच्चों का स्कूल छूटने वाला है जिसपर हमें खास ध्यान देना होगा। समाधान के तौर पर शिक्षकों की जिम्मेदारी होगी कि वे बच्चों को स्कूल आने के लिए प्रेरित करें। शिक्षक पहले के पाठ्यक्रम की तरफ ध्यान दें। समाजसेवी राजेश द्विवेदी ने उपक्रम के कार्यों की सराहना की और किसी भी तरह का सहयोग देने के लिए कहा। कार्यक्रम के अंत में संस्था की सह-संस्थापक चन्द्र किरण ने स्कूल खुलने के बाद आने वाली समस्याओं के बारे में बताया कि बच्चे स्कूल बंद के दौरान मानसिक और शारीरिक दोनों तरह की बीमारियों से परेशान हूएं हैं। लर्निंग लेवल कम हुआ है,। संस्था वर्ष 2018 से लगातार सोनभद्र में सरकारी स्कूलों के साथ मिलकर बच्चों के लर्निंग कर्यक्रम को बढ़ाने के लिए काम कर रही है।



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