मजदूरों की समस्याओं को लेकर भाकपा ने सौंपा ज्ञापन

आनंद कुमार चौबे (संवाददाता)

● खनन में मशीनीकरण और वनाधिकार के सवाल पर भाकपा जिला सचिव ने एडीएम से मुलाकात कर लिखित शिकायती पत्र सौंपा

● खनन में मशीनीकरण बंद हो, मजदूरों को रोजगार मिले – आर0के0 शर्मा

● खनन क्षेत्र में ईएसआई अस्पताल की हो स्थापना

● आदिवासियों का शोषण बंद हो और वनाधिकार का मुस्तैदी से हो पालन- भाकपा

सोनभद्र । जनपद के आदिवासियों की हो रही उपेक्षा, मौलिक अधिकारों का हो रहा हनन और खनन मजदूरों के हो रहे शोषण के सवाल को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव कामरेड आर0के0 शर्मा ने अपर जिलाधिकारी से मुलाकात कर उन्हें लिखित शिकायती पत्र सौंपा है और समस्याओं का समय से समाधान न होने पर पार्टी और जनवादी जनसंगठनों के द्वारा संयुक्त रूप से बड़े पैमाने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी।

जिलाधिकारी के नाम लिखे शिकायती पत्र में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा कहा गया कि जनपद का अधिकांश क्षेत्रफल पठारी, पहाड़ी व आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है, जहां मूलतः हजारों हजार की संख्या में वन क्षेत्र पर आश्रित या दैनिक मजदूर निवास करते हैं। वर्तमान समय में हालात यह है कि इन आदिवासियों, वनवासियों और परंपरागत मजदूरों को दर-दर की ठोकरें खाने पर विवश किया जा रहा है। वन विभाग द्वारा इन आदिवासी, जनजाति के लोगों की पुस्तैनी जोत-कोड़ वाली जमीनों पर खड़ी फसलों को भी जेसीबी मशीन से नष्ट करते हुए आदिवासियों को फर्जी तरीके से मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी जाती है और फंसाया भी जा रहा है। कुछ ऐसा ही हालात जनपद के खनन से जुड़े पंरपरागत हजारों मजदूरों का भी मामला है, जनपद के खनन क्षेत्रों में इन हजारों मजदूरों को दरकिनार करते हुए और शासनादेश की खुलेआम धज्जियां उड़ाते हुए पूरे क्षेत्र में बेखौफ होकर जेसीबी, पोकलेन जैसी मशीनों का उपयोग किया जा रहा है। जिससे दैनिक मजदूरों में बेरोजगारी और रोजी-रोटी का संकट विकराल रूप धारण करता जा रहा है। वे रोजगार के लिए अन्य शहरों की ओर पलायन करने को मजबूर हो गए हैं। जिससे शासन प्रशासन की प्रति इन हजारों मजदूरों का आक्रोश लगातार बढ़ रहा है। स्थिति कभी भी भयावह रूप धारण कर सकती हैं, मजदूर कभी भी अपने हक के लिए सड़क पर उतर सकते हैं ।भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव कामरेड आर के शर्मा ने कहा उक्त स्थिति को समय से पहले रोकने के लिए प्रशासन द्वारा सकारात्मक पहल किया जाए और यहां के आदिवासी, वनवासी और दैनिक मजदूरों को रोजगार वनाधिकार का युद्ध स्तर पर लगकर लाभ दिलाया जाय । खनन क्षेत्र में चल रहे जेसीबी, पोकलेन जैसी मशीनों को तत्काल बंद कराकर मजदूरों को रोजगार दिलाया जाय और इन मजदूरों को श्रम कानून का भी पूरा लाभ दिलाया जाय।वनविभाग पर अंकुश लगाया जाय। आदिवासियों, महिलाओं और गरीबों पर वन विभाग द्वारा किए जा रहे लगातार शोषण, उत्पीड़न को तत्काल बंद कराया जाय। खनन क्षेत्र में ईएसआई अस्पताल स्थापित किया जाए। जनपद में सार्वजनिक वितरण प्रणाली और महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना का अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में सभी गरीबों को राशनकार्ड और जाॅब कार्ड उपलब्ध कराया जाय।

इस दौरान नौजवान सभा के नेता दिनेश्वर वर्मा, संजय रावत, खेत मजदूर यूनियन के नेता मोहम्मद हनीफ, अमरनाथ सूर्य, बसावन गुप्ता आदि मौजूद रहे।



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