समय से पहले जल स्तर खिसका, गहराया पेयजल संकट

संजीव कुमार पांडेय (संवाददाता)

राजगढ़ । पटेहरा विकासखंड के दो दर्जन ग्राम पंचायतों में समय से पहले जल स्तर खिसकने से पेयजल संकट गहरा गया है। सरकारी हैंडपंप पानी की जगह हवा देने लगे हैं। हैंडपंप में अधिकतम 120 फीट से पानी उठाने की क्षमता ही होती है। जबकि जल स्तर 300 फीट के नीचे चला गया है। सरकारी बोर भी 250 से 300 फीट तक ही अधिकांश है। इनमें एक इंच के सबमर्सिबल कहीं-कहीं डाले गए हैं फिर भी सेक्शन व सबमर्सिबल की कमी से ग्रामीणों को निजी ट्यूबवेलों से पानी पीने की मजबूरी हो गई है। जलस्तर खिसकने से किसान को भी अपनी खेती व सब्जी की सिचाई करने में परेशानी हो रही है, फिर भी ग्रामीणों की लाइन भोर से ही लग जाती है। ग्राम पंचायतें अपने अधिकार से वंचित होने का बहाना बनाकर पल्ला झाड़ ले रही हैं। गांव के लोग हर काम को छोड़ भोर से ही निजी ट्यूबवेल से पानी लाकर गला तर कर रहे हैं।

पेयजल संकटग्रस्त ग्राम
अमोई पुरवा, पथरौर, लालापुर, बरईपुर खास, देवरी शिव बालक खास, खनवर मझारी, खनवर दुबार, देवरी दुबार खास, नेवढि़या, कुहकी, मुस्किरा, पटेहरा कला, रामचन्दरपुर, देवरी कटाई, रामपुर अंतरी, रामपुर रिक्शा, कुसम्हा, बेलहरा, हरदी खुर्द, हरदी मिश्र, बहुती, घुमचिया, देवरी कला, कलवारी, बसही, लेदुकी, तुलसीपुर, रैकल, पिउरी, ककरद आदि गांवों में पानी की काफी किल्लत हो रही है। डोंगल बनाया जा रहा है। जल्द ही ग्राम सचिव सरकारी सबमर्सिबल पंप को सुधार कराने के साथ सेक्शन भी बढ़ाएंगे।

जरूरत पड़ी तो घनी बस्ती में गहरी बोरिग भी होगी,पेयजल संकट से लड़ने की रणनीति तय की गई है। विशेष परिस्थिति में टैंकर से पानी आपूर्ति कराई जाएगी।

● प्रदीप कुमार सिंह, प्रभारी सहायक विकास अधिकारी पंचायत (प्रशासक) पटेहरा कला।



अपने शहर के एप को डाउनलोड करने के लिए क्लिक करे |  हमें फेसबुक,  ट्विटर,  और यूट्यूब पर फॉलो करें|
loading...
Back to top button
error: Content is protected !!