दो सालों से अधर में लटका पुलिया निर्माण, एडीओ पंचायत बोले- नहीं है कार्य की जानकारी

संजय केशरी / अंकित कुमार (संवाददाता)

डाला । विकास खण्ड चोपन के ग्राम सभा पनारी के जुड़वानी सम्पर्क मार्ग की पुलिया अर्धनिर्मित होने के कारण ग्रामीणों में भारी आक्रोश एवं प्रदर्शन कर इसकी जांच व निर्माण की मांग किया हैं।

8.02 लाख की लागत से बन रहे जुड़वानी सम्पर्क मार्ग पर पुलिया निर्माण का कार्य दिसम्बंर 2019 मे प्रारम्भ कर दिया गया था लेकिन दो वर्ष बीत जाने के बाद भी अब तक पुलिया के निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हो सका।

जल निकासी के लिए स्व0 रामऔतार के खेत में पुलिया पिछले कई माह से क्षतिग्रस्त है, जिसके लिए क्षेत्रीय लोगों ने कई बार विभागीय अधिकारियों से क्षतिग्रस्त पुलिया को बनवाने के लिए गुहार लगायी लेकिन विभाग की कोई ठोस पहल नहीं की गई।

बीडीसी प्रतिनिधि बालगोविंद ने बताया कि ग्रामीणों की समस्याओं को देखते हुए पुलिया निर्माण के लिए 8.02 लाख रुपये स्वीकृत हुए और ठेकेदार द्वारा मनरेगा के तहत पुलिया निर्माण कार्य भी 2019 में शुरू किया गया परन्तु कोरोना काल के कारण पुलिया निर्माण का कार्य रुक गया। अब इस विषय पर कई बार क्षेत्र के प्रधान व ग्राम पंचायत विकास अधिकारी से बात की गई तो केवल आश्वासन ही मिलता रहा लेकिन पुलिया निर्माण कार्य दुबारा शुरू नहीं किया गया।

पुलिया निर्माण कार्य ठप होने से लोगों को आवागमन में बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस रास्ते से लगभग 200 लोगों का आवागमन होता हैं। वहीं सबसे अधिक परेशानी किसानों को झेलनी पड़ती है, जो खेतों की जुताई-बुवाई के लिए लंबा रास्ता तय कर सम्पर्क मार्ग से अपने खेतों पर जाकर कार्य करते हैं, जिससे उनका समय तो बर्बाद होता ही है साथ ही ट्रैक्टर मालिक भी दूरी के कारण जुताई के लिए तैयार नहीं होते हैं।

उन्होंने कहा कि अब तो प्रधान का कहना है कि मेरा कार्यकाल खत्म हो गया हैं अब तो अधिकारी के द्वारा ही पूरा होगा।

वहीं ग्रामीणों का कहना है कि आखिर इस पुलिया का निर्माण क्यों दो सालों में पूरा नहीं हो सका, इसकी जांच होनी चाहिए और यह भी जांच होनी चाहिए कि इस पुलिया निर्माण अधूरा रहने का जिम्मेदार कौन हैं? ग्रामीणों ने इसकी जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी करवाई व पुलिया निर्माण कार्य पूरा कराने की मांग किया।

इस सन्दर्भ में एडीओ पंचायत ने कहा कि उक्त पुलिया के कार्य के विषय में कोई जानकारी नहीं है, इसको दिखवाता हुँ।

इस दौरान केशव प्रसाद, मुन्नी देवी, हरिदेव, जगवंती, कौलाशिया, प्रमिला, इन्जोरिया, देवकली, कुसुमी, बसंती, किस्मतिया, हीरावती आदि ग्रामीण मौजूद रहे।

ग्राम प्रधान का कार्यकाल समाप्त होने के बाद अब एडीओ पंचायत को प्रशासक नियुक्त किया गया है ऐसे में एडीओ पंचायत के बयान के बाद बड़ा सवाल यह उठता है कि जब एडीओ पंचायत को कार्य की जानकारी ही नहीं है तो यह कार्य पूर्ण कौन कराएगा।



अपने शहर के एप को डाउनलोड करने के लिए क्लिक करे |  हमें फेसबुक,  ट्विटर,  और यूट्यूब पर फॉलो करें|
loading...
Back to top button
error: Content is protected !!